ओडिशा के कंधमाल में महिला ने दो सिर वाले बच्चे को जन्म दिया। 'डाइसेफेलिस पैरापैगस' नाम की यह स्थिति 3 लाख में एक बार होती है। बच्चे का एमकेसीजी मेडिकल कॉलेज के एसएनसीयू में इलाज चल रहा है। जगा-कालिया की यादें फिर ताजा हो गई हैं।

Odisha Rare Baby Birth: ओडिशा के कंधमाल जिले से एक बहुत ही हैरान करने वाली और दुर्लभ मेडिकल घटना सामने आई है। यहां एक महिला ने दो सिर वाले बच्चे को जन्म दिया है। जन्म के बाद नवजात को विशेष देखभाल के लिए बेरहामपुर के MKCG मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टर बच्चे की स्थिति पर नजर रख रहे हैं और जरूरी जांच के आधार पर आगे की देखभाल तय की जा रही है। करीब 3 लाख जन्मों में से किसी एक में दिखने वाली इस दुर्लभ जन्मजात स्थिति ने डॉक्टरों और आम लोगों दोनों को हैरान कर दिया है। यह मामला जन्मजात शारीरिक स्थितियों और नवजात के इलाज से जुड़ी मेडिकल चुनौतियों को भी सामने लाता है।

Odisha Two Headed Baby: सिजेरियन से हुआ बच्चे का जन्म

  • उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, बच्चे का जन्म शनिवार, 10 अक्टूबर को सिजेरियन ऑपरेशन के जरिए हुआ।
  • बच्चा गर्भावस्था के 32वें सप्ताह में पैदा हुआ। यानी उसका जन्म सामान्य अवधि पूरी होने से पहले हुआ है।
  • जन्म के तुरंत बाद उसे बेरहामपुर स्थित MKCG मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट (SNCU) में भर्ती कराया गया।
  • बच्चे की मां कंधमाल जिले के तुमुदिबंध इलाके की रहने वाली बताई जा रही हैं। पिता दिहाड़ी मजदूरी करते हैं।
  • मां को विशेष चिकित्सा देखभाल के लिए अस्पताल भेजा गया था। यह दंपती की पहली संतान है।

ओडिशा दुर्लभ बच्चा जन्म: जानिए क्या है 'डाइसेफेलिस पैरापैगस' मेडिकल कंडीशन

  • क्या है स्थिति: मेडिकल भाषा में इस अनोखी जन्मजात बीमारी को 'डाइसेफेलिस पैरापैगस' (dicephalis parapagus) कहा जाता है। इसमें नवजात के एक ही शरीर से दो सिर और दो गर्दन जुड़ी होती हैं।
  • पारिवारिक पृष्ठभूमि: बच्चा जन्म देने वाली मां कंधमाल के तुमुदिबंध इलाके की रहने वाली है, और पिता एक दिहाड़ी मजदूर हैं। यह इस दंपत्ति की पहली संतान है।
  • शारीरिक बनावट: बच्चे का जन्म गर्भावस्था के 32वें हफ्ते में ही हो गया था। नवजात के हाथ और पैर की एक-एक जोड़ी है और एक ही मूत्र-जननांग मार्ग (पुरुष जननांग) मौजूद है।

दो सिर वाला बच्चा एमकेसीजी अस्पताल: जगा-कालिया की यादें हुई ताजा, इलाज में जुटी टीम

  • जांच और इलाज जारी: फिलहाल नवजात बच्चा अस्पताल के SNCU में विशेषज्ञों की कड़ी देखरेख में है। डॉक्टर लगातार बच्चे के अंदरूनी अंगों और सेहत की जांच कर रहे हैं ताकि आगे के इलाज की सही दिशा तय की जा सके।
  • जगा-कालिया की याद आई: ओडिशा में हुए इस जन्म ने लोगों को राज्य के मशहूर जुड़े हुए जुड़वां भाई 'जगा और कालिया' की पुरानी यादें ताजा कर दी हैं। उनकी मेडिकल यात्रा भी देश-दुनिया में काफी चर्चा में रही थी।
  • आगे की राह: डॉक्टरों का कहना है कि आने वाले कुछ दिन बच्चे के जीवन के लिए बेहद नाजुक हैं। आगे का इलाज इस बात पर निर्भर करेगा कि अंदरूनी अंगों की बनावट कैसी है और क्या कोई जटिलता पैदा होती है।