प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीजेपी शासित राज्यों के जल मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों को जल जीवन मिशन समेत सरकारी योजनाओं का लाभ कतार में खड़े अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का निर्देश दिया। बैठक में केंद्र-राज्य समन्वय और विकसित भारत 2047 पर जोर दिया गया।

सरकारी योजनाओं की असली सफलता सिर्फ बड़े आंकड़ों से तय नहीं होती, बल्कि इस बात से होती है कि उनका फायदा समाज के आखिरी व्यक्ति तक पहुंचा या नहीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीजेपी शासित राज्यों के जल मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक में इसी बात पर जोर देते हुए जल जीवन मिशन समेत सरकार की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का संदेश दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ कतार में खड़े अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना सुनिश्चित किया जाना चाहिए। इसके लिए केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर तालमेल और आपसी सहयोग जरूरी है।

पीएम आवास पर हुई अहम बैठक

बीजेपी शासित राज्यों के जल मंत्रियों और कुछ मुख्यमंत्रियों के साथ प्रधानमंत्री आवास पर यह बैठक हुई। इससे पहले बीजेपी मुख्यालय में जल क्षेत्र से जुड़े मंत्रियों की करीब पांच घंटे की कार्यशाला आयोजित की गई थी। बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन इन मंत्रियों को लेकर प्रधानमंत्री आवास पहुंचे, जहां योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और राज्यों के बीच समन्वय पर चर्चा हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने मंत्रियों से कहा कि राज्य एक-दूसरे की सफल कार्यप्रणालियों और बेहतर प्रयोगों से सीखें। अलग-अलग राज्यों में सफल मॉडल को स्थानीय जरूरतों के अनुसार अपनाने पर भी जोर दिया गया।

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जल जीवन मिशन पर फोकस

प्रधानमंत्री ने जल क्षेत्र से जुड़े मंत्रियों से आपसी समन्वय के साथ काम करने की अपील की। उनका कहना था कि केंद्र और राज्यों के बीच प्रभावी तालमेल, अनुभवों का आदान-प्रदान और बेहतर निगरानी योजनाओं को जमीन पर ज्यादा प्रभावी बना सकती है। बैठक के बाद नितिन नवीन ने सोशल मीडिया पर कहा कि ‘जल मंथन’ कार्यक्रम के तहत अंतर-राज्यीय समन्वय और सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों को लेकर सार्थक चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश के करोड़ों परिवारों तक नल से जल पहुंचाने का काम हुआ है और अब सरकार दीर्घकालिक सोच के साथ आगे बढ़ रही है।

2047 के विजन पर भी चर्चा

नितिन नवीन के अनुसार, सरकार अब केवल सीमित अवधि की योजनाओं तक नहीं, बल्कि अगले 25 से 50 वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखकर काम कर रही है। बैठक में विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को लेकर भी समन्वित प्रयासों पर जोर दिया गया। सरकार की कोशिश है कि बेहतर योजना, प्रभावी क्रियान्वयन और मजबूत निगरानी के जरिए जल जीवन मिशन समेत विभिन्न सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ आम लोगों तक पहुंचाया जा सके। प्रधानमंत्री मोदी का संदेश साफ है कि योजनाएं बनाने के साथ-साथ उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सरकारों की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।

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