लाल किले से 'लाल आतंक' के खात्मे की हुंकार! 1 करोड़ युवाओं को AI ट्रेनिंग से लेकर मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग तक का मास्टर प्लान…कैसे 5 सालों में बदलेगी 7 दशकों की तस्वीर, आखिर क्या है PM मोदी का बड़ा प्लान?

PM Modi Independence Day 2026: 80वें स्वतंत्रता दिवस के ऐतिहासिक अवसर पर दिल्ली के लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधित करते हुए एक बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि जिस नक्सलवाद और माओवादी हिंसा ने कभी भारत की धरती को खून से सराबोर कर दिया था, आज उस 'लाल आतंक' में सांस लेने तक की ताकत नहीं बची है। वर्ष 2014 में सरकार बनाने के बाद लिए गए संकल्प का नतीजा है कि कभी गोलियों की गूंज वाले इलाके अब नक्सल-मुक्त हो चुके हैं और वहां विकास, विश्वास और उम्मीदों का तिरंगा लहरा रहा है।

AI क्रांति का महा-शंखनाद: 1 करोड़ भारतीय युवाओं के लिए क्या है 'मास्टर प्लान'?

तकनीक और डिजिटल युग की गति को भांपते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने युवाओं के लिए एक क्रांतिकारी योजना का ऐलान किया। AI इम्पैक्ट समिट का जिक्र करते हुए उन्होंने घोषणा की कि सरकार अगले एक साल में 1 करोड़ भारतीय युवाओं को AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) स्किल्स की ट्रेनिंग देगी। इस कदम का मुख्य उद्देश्य भारतीय युवाओं को वैश्विक स्तर पर एआई टेक्नोलॉजी की दौड़ में सबसे आगे रखना और देश को टेक-लीडर बनाना है।

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कोचिंग माफिया पर प्रहार: गरीब और मध्यम वर्ग के लिए फ़्री ऑनलाइन कोचिंग का ऐलान!

मध्यम-वर्गीय और गरीब परिवारों पर पड़ने वाले भारी-भरकम आर्थिक बोझ को समझते हुए पीएम मोदी ने शिक्षा क्षेत्र में एक ऐतिहासिक राहत की घोषणा की:

  • करोड़ों रुपये की बचत: कॉम्पिटिटिव एग्जाम्स की कोचिंग पर खर्च होने वाले हजारों करोड़ रुपये बचाने के लिए सरकार बड़ा नेटवर्क तैयार कर रही है।
  • मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग: देश के प्रतिभाशाली शिक्षकों और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) को एक साथ लाकर विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि युवाओं को घर छोड़े बिना गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।

शिक्षा और स्टार्टअप में अभूतपूर्व छलांग: आंकड़ों ने बढ़ाई देश की धड़कन

प्रधानमंत्री ने देश में पिछले 10-12 वर्षों में हुए अभूतपूर्व शैक्षणिक और तकनीकी सुधारों के आंकड़े पेश किए:

  • यूनिवर्सिटी और मेडिकल कॉलेज: 2014 से पहले जहां देश में 350 से कम यूनिवर्सिटी थीं, वहीं आज यह संख्या बढ़कर 1,000 के करीब पहुँच गई है। इसी तरह मेडिकल कॉलेजों की संख्या 400 से बढ़कर लगभग 850 हो चुकी है।
  • स्टार्टअप्स और अटल लैब्स: आज भारत में 2.5 लाख से ज्यादा रजिस्टर्ड स्टार्टअप्स काम कर रहे हैं। वहीं स्कूली बच्चों में इनोवेशन बढ़ाने के लिए 10,000 से अधिक 'अटल टिंकरिंग लैब्स' बनाई जा चुकी हैं।

5-7 साल में दशकों का काम? पीएम मोदी ने दिया स्पीड और रिफॉर्म का मूलमंत्र

PM मोदी ने सुधारों की रफ्तार बढ़ाने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आने वाले 5 से 7 वर्षों में वह हासिल करने का प्रयास होना चाहिए, जो पिछले 5 से 7 दशकों में नहीं हो सका। उनके भाषण में नक्सलवाद से लेकर AI, शिक्षा, स्टार्टअप और सुधार तक कई मुद्दे शामिल रहे। सरकार सोच, नीतियों और सुधारों (Riforms) की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है ताकि 'विकसित भारत 2047' के सपने को समय से पहले पूरा किया जा सके।