Raihan Vadra Exhibition Controversy : कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी के बेटे रेहान वाड्रा दिल्ली के बीकानेर हाउस में उनकी प्रदर्शनी से युवा प्रदर्शनों की तस्वीरें हटाए जाने का मामला चर्चा में है। जानिए, कैसे एक हादसे के बाद रेहान की पूरी जिंदगी बदल दी और राजनीति से हटकर अपनी पहचान बनाई।
कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी और कारोबारी रॉबर्ट वाड्रा के बेटे रेहान वाड्रा की जिंदगी में साल 2017 एक बड़ा मोड़ लेकर आया। स्कूल में क्रिकेट खेलते समय उन्हें ऐसी चोट लगी, जिसने उनकी जिंदगी की दिशा बदल दी। इस हादसे में उनकी बाईं आंख की रोशनी चली गई। फोटोग्राफी के शौकीन रेहान के लिए यह बड़ा झटका था, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। कुछ समय बाद उन्होंने दोबारा कैमरा उठाया और अपनी कला के जरिए एक नई पहचान बनाई।
क्रिकेट खेलते समय कैसे हुआ हादसा?
फरवरी 2017 में रेहान देहरादून के दून स्कूल में पढ़ाई कर रहे थे। उस समय उनकी उम्र करीब 16 साल थी। स्कूल में क्रिकेट खेलते समय गेंद उनकी आंख पर लगी, जिससे उनकी बाईं आंख की रोशनी चली गई। चोट के बाद उनके परिवार ने दिल्ली के एम्स में डॉक्टरों से सलाह ली। इसके बाद उन्हें आगे की जांच के लिए हैदराबाद के एलवी प्रसाद आई इंस्टीट्यूट भी ले जाया गया।
करीब दो साल तक फोटोग्राफी से रहे दूर
रेहान को बचपन से ही तस्वीरें खींचने का शौक था। वह जंगलों में वन्यजीवों की तस्वीरें लेते थे। लेकिन आंख में चोट लगने के बाद उनके लिए पहले की तरह फोटोग्राफी करना आसान नहीं रहा। दूसरी आंख पर पड़ने वाले दबाव को देखते हुए उन्हें करीब दो साल तक कैमरे से दूरी बनानी पड़ी। यह समय उनके लिए आसान नहीं था। जिस काम को वह पसंद करते थे, उससे दूर रहना पड़ा।
हादसे ने तस्वीरें देखने का नजरिया बदल दिया
रेहान ने बाद में बताया कि इस घटना ने उन्हें जिंदगी और फोटोग्राफी को एक अलग नजरिए से देखना सिखाया। उनके मुताबिक, इस अनुभव ने मुश्किल हालात से निपटने की उनकी क्षमता को बढ़ाया। उन्होंने दोबारा फोटोग्राफी शुरू की और तस्वीरों में रोशनी, अंधेरे और नजरिए जैसे विषयों पर काम किया। उनकी कई तस्वीरों में ब्लैक एंड व्हाइट शैली भी देखने को मिली।
'डार्क परसेप्शन' से मिली नई पहचान
जुलाई 2021 में रेहान ने दिल्ली के बीकानेर हाउस में अपनी पहली सोलो प्रदर्शनी 'डार्क परसेप्शन' लगाई। इसमें उन्होंने रोशनी, अंधेरे, समय और इंसान के नजरिए को तस्वीरों और कलात्मक प्रस्तुतियों के जरिए दिखाया। इस प्रदर्शनी में उनके निजी अनुभव की झलक भी देखने को मिली। बाद में उन्होंने 'अनुमान' और 'उपमान' जैसी प्रदर्शनियों के जरिए अपने काम को आगे बढ़ाया।
मुश्किल को बनाया अपनी ताकत
रेहान वाड्रा की कहानी दिखाती है कि जिंदगी में आने वाला कोई बड़ा झटका इंसान के रास्ते बदल सकता है। क्रिकेट की चोट के बाद उन्हें फोटोग्राफी से दूरी बनानी पड़ी, लेकिन उन्होंने इस शौक को छोड़ा नहीं। आज वह एक विजुअल आर्टिस्ट और फोटोग्राफर के रूप में अपनी अलग पहचान बना रहे हैं।









