पुणे के कारोबारी केतन अग्रवाल की मौत मामले में पुलिस जांच ने नया मोड़ ले लिया है। एफआईआर में मंगेतर और उसके कथित प्रेमी पर साजिश के आरोप लगाए गए हैं। जानिए लोहागढ़ किले की घटना, जांच में सामने आई टाइमलाइन और पुलिस की अब तक की कार्रवाई।
महाराष्ट्र के पुणे से सामने आए कारोबारी केतन अग्रवाल की मौत के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। शुरुआत में इसे हादसा माना जा रहा था, लेकिन अब एफआईआर और पुलिस जांच में सामने आए आरोपों ने इस घटना को चर्चा का विषय बना दिया है। जांच एजेंसियों का दावा है कि मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी ने अरेंज मैरिज से बचने के लिए पूरी साजिश रची थी। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि अभी अदालत में होना बाकी है।

एफआईआर में क्या हैं आरोप?
केतन अग्रवाल के पिता विषाल अग्रवाल की शिकायत के आधार पर दर्ज एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि सिया गोयल और चेतन चौधरी ने मिलकर केतन को लोहागढ़ किले की पहाड़ी से धक्का देकर मौत के घाट उतार दिया। शिकायत के अनुसार, सिया लगातार केतन पर लोहागढ़ घूमने जाने का दबाव बना रही थी और इसी यात्रा के दौरान घटना हुई।
जांच में सामने आई कथित टाइमलाइन
जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, चेतन ने घटना वाले दिन मोबाइल इंटरनेट बंद कर अपनी लोकेशन छिपाने की कोशिश की। आरोप है कि उसने अपना मोबाइल दुकान पर छोड़ दिया और कर्मचारियों से कॉल रिसीव करवाकर खुद के वहीं मौजूद होने का माहौल बनाया। रास्ते में उसने दूसरे व्यक्ति का मोबाइल इस्तेमाल किया ताकि डिजिटल ट्रैकिंग से बच सके। पुलिस के अनुसार, दोपहर में लोहागढ़ किले के सुनसान हिस्से में पहुंचने के बाद पहले से तय इशारे पर कथित तौर पर चेतन सामने आया और केतन को करीब 400 फीट गहरी खाई में धक्का दे दिया। बाद में उसने फिर से इंटरनेट चालू कर सामान्य गतिविधि दिखाने की कोशिश की।
कैसे टूटी कथित साजिश?
जांच में पुलिस ने लंबे समय तक मोबाइल इंटरनेट बंद रहने, सीसीटीवी फुटेज में संदिग्ध की पहचान और कॉल रिकॉर्ड की जांच के आधार पर कई अहम सुराग जुटाने का दावा किया है। अधिकारियों का कहना है कि इन्हीं तथ्यों के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
18 जून को केतन अग्रवाल अपनी मंगेतर को लेकर लोहागढ़ किले पहुंचे थे। कुछ देर बाद सिया ने परिवार को फोन कर बताया कि केतन खाई में गिर गए हैं। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बाद में परिजनों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर इसे हादसा मानने से इनकार किया और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।


