पेलेट गन से घायल लोचब के मामले में राहुल गांधी के 7 घंटे के धरने के बाद दिल्ली पुलिस ने FIR दर्ज कर ली। 31 दिन बाद दर्ज हुई FIR में BNS की धारा 118 और 125 लगाई गई हैं। अब जांच में पेलेट गन चलाने वाले की तलाश होगी।

दिल्ली में पेलेट गन से घायल हुए कांग्रेस कार्यकर्ता लोचब को न्याय दिलाने की मांग को लेकर राहुल गांधी का धरना आखिरकार रंग लाया। संसद मार्ग थाने में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं के करीब 7 घंटे तक धरने पर बैठने के बाद दिल्ली पुलिस ने शिकायत के आधार पर FIR दर्ज कर ली। खास बात यह है कि जिस घटना को लेकर शिकायत की गई थी, उसके करीब 31 दिन बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया है।

राहुल गांधी ने थाने में दिया धरना, 7 घंटे बाद दर्ज हुई FIR

राहुल गांधी पहले लोचब के साथ मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन पहुंचे थे। वहां FIR दर्ज करने की मांग को लेकर उन्होंने पुलिस से बातचीत की, लेकिन जब कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो वह संसद मार्ग थाने पहुंचे। यहां उन्होंने केंद्रीय जिले के DCP सचिन शर्मा से भी मुलाकात की।

बातचीत से समाधान नहीं निकलने के बाद राहुल गांधी थाने में ही धरने पर बैठ गए। उनके साथ प्रियंका गांधी वाड्रा, जयराम रमेश समेत कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे। लोचब और उनकी मां भी राहुल गांधी के साथ धरने में बैठे।

राहुल गांधी ने साफ कहा कि मांग सिर्फ FIR दर्ज करने और जांच अधिकारी का नाम बताने की है। उन्होंने चेतावनी दी कि FIR दर्ज होने तक वह धरना खत्म नहीं करेंगे। यहां तक कि उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो वह 30 दिन या छह महीने तक भी थाने के बाहर बैठ सकते हैं।

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किस मामले में दर्ज हुई FIR?

दिल्ली पुलिस ने लोचब की शिकायत के आधार पर अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की। दी गई जानकारी के मुताबिक FIR भारतीय न्याय संहिता यानी BNS की धारा 118 और 125 के तहत दर्ज की गई है।

BNS की धारा 118 खतरनाक हथियार या तरीकों से जानबूझकर चोट पहुंचाने अथवा गंभीर चोट पहुंचाने से जुड़े अपराधों को कवर करती है। वहीं धारा 125 ऐसे कृत्य से संबंधित है, जिससे किसी व्यक्ति की जान या निजी सुरक्षा खतरे में पड़ती है।

राहुल गांधी ने पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की भी मांग की थी। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि शिकायत दर्ज करने में देरी करना गंभीर मामला है। हालांकि, FIR दर्ज होने के बाद अब जांच के जरिए यह पता लगाया जाएगा कि घटना के लिए जिम्मेदार कौन था और पेलेट गन का इस्तेमाल किसने किया।

20 जुलाई की घटना से जुड़ा है पूरा विवाद

यह पूरा मामला 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक और कथित परीक्षा गड़बड़ी के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है। कांग्रेस के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान लोचब की आंख और पेट में पेलेट से चोट लगी थी। बाद में उन्हें AIIMS ट्रॉमा सेंटर में सर्जरी करानी पड़ी।

राहुल गांधी ने लोचब के मेडिकल रिकॉर्ड का हवाला देते हुए दिल्ली पुलिस के उस दावे पर सवाल उठाया कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने पेलेट गन का इस्तेमाल नहीं किया था। राहुल गांधी का कहना था कि लोचब की आंख में तीन पेलेट मिले हैं और अस्पताल की रिपोर्ट में इसका उल्लेख है।

लोचब ने कथित तौर पर 14 अगस्त को अपने वकीलों के साथ पुलिस को लिखित शिकायत दी थी। इसके बाद 17 अगस्त को ईमेल और फोन के जरिए भी मामले को आगे बढ़ाने की कोशिश की गई, लेकिन शिकायत पर FIR दर्ज नहीं हुई। इसके बाद राहुल गांधी खुद लोचब के साथ थाने पहुंचे और धरने पर बैठ गए।

अब FIR दर्ज होने के बाद इस मामले की जांच आगे बढ़ेगी। सबसे बड़ा सवाल यही है कि लोचब को पेलेट से चोट कैसे लगी, इसका जिम्मेदार कौन है और घटना के दौरान पेलेट गन का इस्तेमाल किसने किया। जांच में इन सवालों के जवाब सामने आने की उम्मीद है।

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