राम मंदिर दान पात्र से कथित चोरी के मामले पर RSS ने पहली बार आधिकारिक बयान जारी किया है। सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने दोषियों को कड़ी सजा, SIT जांच और मंदिर प्रबंधन में पारदर्शिता बढ़ाने की मांग की। जानिए पूरा बयान।
अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि मंदिर में दान पात्रों से कथित चोरी के मामले पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने पहली बार आधिकारिक प्रतिक्रिया दी है। संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने इस घटना को करोड़ों रामभक्तों की आस्था को ठेस पहुंचाने वाला बताते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही उन्होंने मंदिर प्रबंधन से व्यवस्था और संचालन की कमियों को दूर कर पारदर्शी प्रणाली विकसित करने की अपील भी की है।

दान चोरी की घटना से आहत है पूरा समाज: RSS
3 जुलाई को जारी अपने बयान में दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि श्री राम जन्मभूमि पर बना भव्य मंदिर पीढ़ियों के संघर्ष, करोड़ों रामभक्तों के समर्पण, त्याग और बलिदान का प्रतीक है। ऐसे में दान पात्रों में जमा राशि की कथित चोरी की घटना पूरे हिंदू समाज और श्रद्धालुओं की भावनाओं को आहत करने वाली है। उन्होंने कहा कि इस घटना से समाज में भ्रम और असमंजस की स्थिति पैदा हुई है, जिसे जल्द समाप्त किया जाना चाहिए ताकि श्रद्धालुओं का विश्वास कायम रहे।
SIT जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग
RSS ने बताया कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के अनुरोध पर उत्तर प्रदेश सरकार ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है और उसकी अनुशंसा के आधार पर कानूनी प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। संघ ने कहा कि जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए। साथ ही मंदिर प्रबंधन से अपेक्षा जताई गई कि इस घटना को असाधारण मानते हुए वित्तीय प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और संचालन से जुड़ी सभी कमियों को दूर करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।
हिंदू समाज से धैर्य और संयम बनाए रखने की अपील
दत्तात्रेय होसबाले ने अपने बयान में कहा कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास पारदर्शी वित्तीय प्रबंधन, सुचारू संचालन और धार्मिक गरिमा बनाए रखते हुए श्रद्धालुओं के विश्वास को और मजबूत करेगा। उन्होंने पूरे हिंदू समाज से अपील की कि इस संवेदनशील समय में धैर्य और संयम बनाए रखें। साथ ही उन्होंने कहा कि किसी भी हिंदू विरोधी या राष्ट्र विरोधी ताकत को इस घटना का फायदा उठाकर समाज और धार्मिक आस्था को बदनाम करने का अवसर नहीं मिलना चाहिए। फिलहाल, दान चोरी के मामले की जांच विशेष जांच दल (SIT) कर रहा है। आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर तय होगी।


