Apsara Reddy Resigns: तमिलनाडु की ट्रांसजेंडर नेता अप्सरा रेड्डी ने AIADMK से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने कहा-ब मेरी राजनीतिक यात्रा एक नया मोड़ ले सकती है

चेन्नई. ट्रांसजेंडर अप्सरा रेड्डी ने 13 अगस्त गुरुवार को तमिलनाडु की पार्टी एआईएडीएमके से अपना इस्तीफा दे दिया है। रिजाइन के साथ उन्होंने कहा "भारी मन से मैं एआईएडीएमके से इस्तीफा दे रही हूं। क्योंकि इस पार्टी के साथ साथ मेरा सफर सिर्फ राजनीतिक जुड़ाव तक सीमित नहीं था। उन्होंने आगे कहा- मुझे जो अवसर, जिम्मेदारियां,और अनुभव दिए हैं, उनके लिए मैं सदा आभारी रहूंगी। साथ ही यह भी कहा कि अब मेरी राजनीतिक यात्रा एक नया मोड़ ले सकती है। तो आइए जानते हैं यह ट्रांसजेंडर नेता कौन हैं जिनका बीजेपी से लेकर कांग्रेस तक तगड़ा कनेक्शन रहा है…

राहुल गांधी की तारीफ…जयललिता को मानती थीं गुरू

  • बता दें कि अप्सरा रेडड्डी बीजेपी से लेकर कांग्रेस तक में रह चुकी हैं। चार साल पहले उन्हें कांग्रेस का राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया था। खुद राहुल गांधी ने उनके काम की तारीफ की थी। इसके बाद रेड्डी ने कहा था कि ट्रांसजेंडर महिलाएं उनसे कहती थी कि तुम यहां अपनी जिंदगी नहीं बना पाओगी, लेकिन भारत की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस ने मेरा स्वागत किया है यह भावुक और सुखद महसूस कराने वाला क्षण हैं।
  • अप्सरा रेड्डी AIADMK रह चुकी हैं। उन्हें जयललिता की पार्टी ने प्रवक्ता बनाया था। लेकिन, जयललिता के निधन के बाद उन्होंने पार्टी से इस्तीफा दे दिया था। जयललिता के जाने से वह बहुत दुखी थीं, उन्होंने कहा था कि अब पार्टी के भीतर चल रहे टकराव में दुखी हूं, इस कारण छोड़ रही हूं।

कौन हैं अप्सरा रेड्डी जो ऑस्ट्रेलिया से पढ़ीं?

  • बता दें कि अप्सरा मूल रूप से आंध्र प्रदेश के नेल्लोर जिले से आती हैं। हालांकि उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में रहकर पूरी की। इसके बाद उन्होंने पत्रकारिता में करियर बनाने का सोचा और
  • ऑस्ट्रेलिया की मोनाश यूनिवर्सिटी से एजुकेशन ली। फिर उन्होंने लंदन से अपना पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की और साथ ही वहां के मीडिया संस्थानों में काम भी किया। जो ट्रांसजेंडर अधिकारों को लेकर भी सक्रिय रहती थीं।

अजय से बनीं अप्सरा

अप्सरा जन्म के समय लड़का थीं, और उनका नाम अजय था। लेकिन उन्हें अपने शरीर में कुछ बदलाव नजर आने लगे और उन्होंने जेंडर चेंज कराने का मन बना लिया। इसके लिए उन्होंने थाईलैंड में अपना जेडंर चेंज कराया और अजय से अप्सरा बन गईं। उन्होंने बताया थी कि जब वह 13 से 14 साल की थीं तो वह अक्सर Google पर यही सर्च करती थीं कि एक लड़का कैसे लड़की बन सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि पहले समाज उन्हें हीन भावना से देखता था, लेकिन उनकी मां ने इस दौरान उनका साथ दिया। जिन्होंने अस्पताल तक में मेरी देखभाल की थी।