Russia-Ukraine War: 26 वर्षीय रूसी अधिकारी लेव स्तूपनिकोव ने यूक्रेन को खुफिया जानकारी देकर अपनी ही सेना के 300 से अधिक सैनिकों को मरवा दिया। इसके बाद वह सीमा पार कर पुतिन विरोधी गुट में शामिल हो गया। जानिए इस बगावत की पूरी कहानी।

Russia Ukraine War: युद्ध के मैदान में सिर्फ बंदूकें और मिसाइलें ही नहीं चलतीं, कभी-कभी अंदर का कोई इंसान ही पूरी बाजी पलट देता है। रूस-यूक्रेन जंग के बीच से एक ऐसी ही सनसनीखेज कहानी सामने आई है। 26 साल के एक रूसी सैन्य अधिकारी ने अपनी ही सेना को ऐसा धोखा दिया, जिसने मॉस्को को हिलाकर रख दिया। 'वॉल स्ट्रीट जर्नल' की रिपोर्ट के मुताबिक, लेफ्टिनेंट लेव स्तूपनिकोव ने अपनी ही सेना की खुफिया जानकारी यूक्रेन को सौंपी। इसके चलते 300 से ज्यादा रूसी सैनिक मारे गए, जिसके बाद वह खुद भी सीमा पार करके दुश्मन के खेमे में जा मिला।

रूस-यूक्रेन युद्ध में गुप्त रणनीति और जासूसी का खेल

  • सेना में बड़ा पद: स्तूपनिकोव सिग्नल कॉर्प्स से जुड़ा था और डोनबास के वुहलेदार इलाके में तैनात बटालियन के 'चीफ सिग्नल्स ऑफिसर' था।
  • संवेदनशील डेटा तक पहुंच: उसके पास सैनिकों की आवाजाही, युद्ध की गोपनीय योजनाओं और निगरानी कैमरों-ड्रोन का पूरा एक्सेस मौजूद था।
  • सटीक लोकेशन लीक: उसने अपनी सेना की मदद करने के बजाय गुप्त डेटा और लोकेशन यूक्रेनी खुफिया एजेंसी को देना शुरू कर दिया।
  • भयानक मिसाइल हमला: कड़ाके की ठंड में एक सुबह स्तूपनिकोव ने पेट दर्द का बहाना बनाया। उसके हटते ही यूक्रेनी मिसाइलों ने सटीक ठिकाने पर हमला कर दिया।
  • कमांडर की मौत: इस हमले में कर्नल गुसेन मुसायेव समेत 68 सैनिक तुरंत मारे गए और 60 से ज्यादा घायल हो गए।
  • पूछने पर दिया अजीब जवाब: बाद में जब उससे हमले के बारे में पूछा गया तो उसने कथित तौर पर जवाब दिया कि वहां सिर्फ मलबा और सैनिकों के शव बचे थे।

पुतिन के खिलाफ बगावत और यूक्रेन में पनाह की वजह

  • युद्ध के खिलाफ गुस्सा: फरवरी 2022 में यूक्रेन पर रूसी हमले और बेकसूर नागरिकों की मौत देखकर स्तूपनिकोव का अपनी ही सरकार से मोहभंग हो गया था।
  • मां का मिला साथ: स्तूपनिकोव की मां तातियाना भी पुतिन सरकार विरोधी प्रदर्शनों में शामिल थीं। उसने ही बेटे की बात यूक्रेनी एजेंटों से करवाई।
  • कोडवर्ड 'पीनट शॉप': जुलाई 2024 में रात के अंधेरे में स्तूपनिकोव फ्रंटलाइन पार कर यूक्रेनी इलाके में घुसा और तय कोडवर्ड 'पीनट शॉप' बोलकर आत्मसमर्पण कर दिया।
  • विद्रोही गुट में शामिल: अब वह 'रशियन वॉलंटियर कॉर्प्स' (RVC) में शामिल होकर पुतिन शासन के खिलाफ काम कर रहा है।
  • पारिवारिक रिश्ते तबाह: इस कदम से स्तूपनिकोव की पत्नी ने उनसे सारे रिश्ते तोड़ लिए, हालांकि उसका कहना है कि उन्होंने देश से नहीं, बल्कि पुतिन के तानाशाही रवैये से बगावत की है।

Putin vs Russian Officer: ‘मैंने अपनी शपथ नहीं तोड़ी’

  • स्तूपनिकोव का दावा है कि उसका फैसला रूस के खिलाफ नहीं, बल्कि अपनी सैन्य शपथ के पक्ष में था।
  • उसका कहना है कि उसने देश की आजादी, स्वतंत्रता और संवैधानिक व्यवस्था की रक्षा की शपथ ली थी।
  • उसके मुताबिक, यूक्रेन पर पुतिन के हमले ने इन्हीं सिद्धांतों को नुकसान पहुंचाया। इसी वजह से वह मानता है कि उसने अपनी शपथ से गद्दारी नहीं की।