डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस की नई प्रेस सेक्रेटरी केटी ज़कारिया को 5 दिन में पद से हटा दिया। खराब प्रेस ब्रीफिंग और वकालत के लाइसेंस पर उठे विवाद के बाद यह कदम उठाया गया। जानिए क्या है पूरा मामला।
Trump Administration: अमेरिकी राजनीति में ज़रा भी वक्त बदलते देर नहीं लगती। डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस की नई प्रेस सेक्रेटरी केटी ज़कारिया को पद संभालने के महज 5 दिनों के भीतर ही बाहर का रास्ता दिखा दिया। इस नियुक्ति को हफ्ता-भर भी नहीं हुआ था कि विवाद शुरू हो गए। ज़कारिया की पहली प्रेस ब्रीफिंग इतनी खराब रही कि उनकी काबिलियत और पूरे बायोडाटा पर ही गंभीर सवाल खड़े होने लगे। दिलचस्प बात यह है कि ट्रंप ने ज़कारिया को सीधे तौर पर नौकरी छोड़ने के लिए नहीं कहा, बल्कि उन्हें इस पद पर बने रहने को लेकर दोबारा सोचने की सलाह दी थी।
Katie Zakaria Controversy: केटी ज़कारिया की फर्जी लॉ डिग्री पर उठे गंभीर सवाल
विवाद की सबसे बड़ी वजह ज़कारिया की वकालत से जुड़ी सच्चाई रही। वह सालों से खुद को वकील बताती आ रही हैं और फॉक्स न्यूज़ जैसे बड़े कंजर्वेटिव चैनलों पर कमेंटेटर भी रही हैं। हालांकि, जब स्वतंत्र मीडिया आउटलेट 'पॉपुलर इंफॉर्मेशन' ने जांच की, तो पता चला कि उनके पास अमेरिका के किसी भी राज्य का वकालत का लाइसेंस है ही नहीं। ना ही ट्रंप प्रशासन यह साबित कर पाया कि उन्होंने कभी कोई बार एग्जाम पास किया भी है या नहीं।
Katie Zakaria Resume: चीन में काम करने का भी जिक्र
जब पत्रकारों ने इस बारे में सीधा सवाल दागा, तो ट्रंप ने ज़कारिया को जवाब देने का मौका दिया। लेकिन हेलीकॉप्टर के शोर के बीच उनका आधा-अधूरा बयान "जब मैं चीन गई थी..." और उलझन पैदा कर गया। चीन के कानून के मुताबिक, वहां की लीगल परीक्षा सिर्फ चीनी नागरिक ही दे सकते हैं। हालांकि, व्हाइट हाउस ने उनके बचाव में कहा कि उनके पास पेपरडाइन यूनिवर्सिटी से कानून की डिग्री है और वह पूरी योग्यताओं के साथ काम कर रही थीं।
Trump News: ट्रंप ने कहा- मीडिया ने उनके साथ किया अन्याय
मामला बिगड़ता देख ट्रंप ने खुद मीडिया के सामने आकर ज़कारिया को पद छोड़ने की सलाह दी। ट्रंप ने कहा कि मीडिया ने ज़कारिया को बेवजह निशाना बनाया और उनके साथ बहुत अन्याय हुआ है। उन्होंने ज़कारिया से कहा कि उन्हें इस नौकरी के लिए इतनी मानसिक परेशानी झेलने की कोई ज़रूरत नहीं है। ट्रंप ने ज़कारिया से कहा “अगर मैं आपकी जगह होता, तो इस नौकरी के बारे में फिर से सोचता।” राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि ज़कारिया के साथ “बहुत अन्याय” हुआ और मीडिया ने उन्हें निशाना बनाया। आखिरकार, प्रेस ब्रीफिंग में हुई फजीहत और डिग्री के विवाद के बाद ज़कारिया को अपनी कुर्सी गंवानी ही पड़ी।







