Saayoni Ghosh Controversy : ममता की सबसे करीबी ने ही कर दिया खेला? सयानी घोष की कहानी फिर चर्चा में…जिसे कहते थे ‘छोटी दीदी’, उसी सयानी घोष ने क्यों बढ़ाई बंगाल की सियासी हलचल? एक-एक बयान और हर बार बवाल! सयानी घोष कैसे बनीं बंगाल की चर्चा? कभी थीं ममता की ताकत, अब क्यों हो रही हैं सयानी घोष की चर्चा?
West Bengal Politics : पश्चिम बंगाल में सियासी ड्रामा जारी है, पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के विधायक से लेकर सांसद तक एक-एक करके उनका साथ छोड़ते जा रहे हैं। लेकिन सबसे बड़ा झटका सयानी घोष ने दिया है। जिनका नाम भी टीएमसी के 20 बागी सांसदों में शामिल हो गया है। कभी किसी ने सोचा नहीं था कि ममता दीदी की सबसे खास सयानी एक दिन उनका ही साथ छोड़ देंगी। क्योंकि घोष को बंगाल में दूसरी ममता यानि छोटी दीदी कहा जाता था।

सयानी घोष और विवाद दोनों का पुराना रिश्ता
सयानी घोष का विवादों से भी पुराना नाता है, उनके द्वारा दिए गए कुछ ऐसे बयान हैं, जो शायद ही सियासत के आखड़े में किसी और की जुबान से सुनने को मिले होंगे। चाहे वह कोलकाता की विधानसभा या चुनावी रैली हो या फिर संसद भवन, हर जगह उनके बयानों की चर्चा रही है। शायद इसलिए और उनको काफी कम समय में टीएमसी और बंगाल का सबसे लोकप्रिय नेता बना दिया।
मैं चड्ढा नहीं हूं जो 'चड्डी' बन जाऊंगी
सयानी घोष ने राज्यसभा सांसद राघव चड्डा को लेकर दिया था, जब राघव आम आदमी पार्टी छोड़कर
बीजेपी में शामिल हुए थे। इस दौरान सयानी घोष ने एक चुनावी जनसभा के दौरानक उन पर निशाना साधते हुए कहा था, मैं चड्ढा नहीं हूं जो 'चड्डी' बन जाऊंगी, घोष हमेशा घोष ही रहेगा' सायोनी के इस बयान की खूब चर्चा हुई थी। बीजेपी ने उन पर कानूनी कार्रवाई करने तक का था। लेकिन अब वह उसी पार्टी का हिस्सा बनने जा रही हैं।
महाशिवरात्रि पर शिवलिंग की पोस्ट
बता दें कि सयानी घोष ने साल 2015 में अपन सोशल मीडिया अकाउंट से एक मॉर्फ्ड (विवादित) तस्वीर शेयर की गई थी, जिसमें एक व्यक्ति शिवलिंग का अपमान करता हुआ दिख रहा था। इस तस्वीर के बाद हिंदूवादी संगठनों ने उनके खिलाफ जमकर विरोध करते हुए हंगामा किया था। हालांकि, बाद में सयानी ने उन्होंने माफी मांग ली थी।
सुवेंदु अधिकारी 'बी-ग्रेड' या 'सी-ग्रेड' का नेता
टीएमसी सांसद सायनी घोष ने बंगाल चुनाव के दौरान बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी को 'बी-ग्रेड' या 'सी-ग्रेड' का नेता कहा था। उन्होंने कहा था कि सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी के साथ गद्दारी की है।
खेला होबे बोलकर गिरफ्तार हुईं सयानी घोष
बता दें कि यह बात साल 2021 की है, जब त्रिपुरा में विधानसभा चुनाव का वक्त था। इस दौरान प्रचार करने पहुंची सयानी घोष ने नुक्कड़ सभा के पास से गुज़रते हुए नारा लगाया था 'खेला होबे'। उनके इस बयान की खूब चर्चा हुई थी। इसके लिए उन्हें अगरतला के एक पुलिस थाने में मुक़दमा दर्ज कर गिरफ्तार भी किया गया था।
'दिल में काबा और आंखों में मदीना'
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान सयानी घोष द्वारा गाया एक गाना खूब चर्चा में आया था। वह हर रैली में उसे गाती थीं। जिसके बोले थे 'दिल में काबा और आंखों में मदीना'


