कर्नाटक के बेलगावी से जो खबर सामने आई है वह बेहद हैरान करने वाली है। जहां 2 बेटों ने अपनी माँ का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। आखिर में समाजसेवियों ने महिला की अंतिम रस्में पूरी कीं।
बेलगावी (कर्नाटक): जिस समाज में मां को जीवन का आधार माना जाता है, वहीं से इंसानियत को शर्मसार करने वाला एक मामला सामने आया है। कर्नाटक के बेलगावी में दो बेटों ने अपनी ही मां का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। यह घटना अब सामने आई है।
दो बेटे थे, फिर भी अकेली रहती थीं मां
बेलगावी के शाहू नगर की रहने वालीं अंजना धामोणे नाम की बुजुर्ग महिला की 15 अप्रैल को मौत हो गई थी। उनके दो बेटे हैं। बताया जाता है कि अंजना ने बड़ी मुश्किलों से अपने बच्चों को पाला-पोसा और बड़ा किया। लेकिन दुख की बात है कि उन्हें अपने जीवन के आखिरी दिन अकेले ही गुजारने पड़े।
बेटों ने कहा- 'आप ही कर लो'; समाजसेवियों ने निभाई रस्म
मां के दो बेटे होने के बावजूद, उन्होंने अपनी जिंदगी के आखिरी पल अकेलेपन में काटे। जब बुजुर्ग महिला की मौत हुई तो स्थानीय लोगों ने तुरंत उनके बेटों को इसकी खबर दी। लेकिन बेटों ने कोई दुख जताने के बजाय कहा कि 'आप लोग ही अंतिम संस्कार कर लीजिए'। ऐसे बेटों के बारे में सुनकर हर कोई हैरान है। जन्म देने वाली मां के अंतिम संस्कार में भी न आने वाले इन बेटों के रवैये से दुखी होकर, शहर के समाजसेवियों ने ही बुजुर्ग महिला की आखिरी रस्में पूरी कीं।


