Tibet Earthquake Updates: उत्तरी तिब्बत के नागकू में 7.0 तीव्रता का भयानक भूकंप आया है। इसमें 16 लोगों की जान चली गई और 300 से ज्यादा घर तबाह हो गए। राहत व बचाव कार्य तेज कर दिया गया है।
Tibet Earthquake: तिब्बत में आए भीषण भूकंप ने एक बार फिर कुदरत का कहर दिखाया है। गुरुवार रात जब लोग अपने घरों में सो रहे थे, तभी 7.0 तीव्रता के झटकों ने पूरी जमीन हिला दी। अचानक आई इस आफत ने देखते ही देखते कई हंसते-खेलते परिवारों को उजाड़ दिया।
Tibet Earthquake: नागकू में आया 7.0 तीव्रता का भूकंप
चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने स्थानीय अधिकारियों के हवाले से बताया कि चीन के दूरदराज और दुर्गम तिब्बती इलाके में गुरुवार रात 10:33 बजे (14:33 GMT) एक शक्तिशाली भूकंप आया। चाइना अर्थक्वेक नेटवर्क सेंटर (CENC) की मानें तो इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 7.0 मापी गई। भूकंप का केंद्र उत्तरी तिब्बत के नागकू क्षेत्र में जमीन से करीब 10 किलोमीटर नीचे था।
China Earthquake: नागकू और ल्हासा से कितनी दूर था केंद्र?
- USGS का आकलन: अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार, भूकंप का केंद्र नागकू से करीब 190 किलोमीटर पूर्व-उत्तर-पूर्व में था। यह क्षेत्रीय राजधानी ल्हासा से लगभग 390 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में स्थित पहाड़ी इलाके में बताया गया है।
- भूकंप के बाद स्थानीय प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है। कई घरों के ढहने से राहत टीमों के सामने बड़ी चुनौती है। अधिकारियों की प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों की तलाश और घायलों तक मदद पहुंचाना है।
Tibet Death Toll: 16 की मौत, 300 से ज्यादा मकान पूरी तरह जमींदोज
भूकंप के झटके इतने तेज थे कि लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। सरकारी एजेंसी 'शिन्हुआ' ने स्थानीय अफसरों के हवाले से जो आंकड़े दिए हैं, वे काफी डराने वाले हैं:
- जान-माल का नुकसान: इस हादसे में अब तक कम से कम 16 लोगों की मौत हो चुकी है।
- घायलों का आंकड़ा: 32 लोग गंभीर रूप से घायल हैं, जिन्हें नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
- इमारतों की तबाही: भूकंप के कारण 300 से अधिक कच्चे और पक्के मकान ताश के पत्तों की तरह ढह गए।
स्थानीय प्रशासन और राहत टीमें राहत कार्य में जुटी हुई हैं, हालांकि पहाड़ी रास्ता होने की वजह से मदद पहुंचाने में काफी दिक्कतें आ रही हैं।
Disaster History: बाढ़ के जख्म भरे नहीं थे कि आ गया भूकंप
यह त्रासदी उस वक्त आई है जब तिब्बत और नेपाल का सीमावर्ती इलाका पहले से ही एक बड़ी कुदरती आफत के जख्म सह रहा था।
- अगस्त की विनाशकारी बाढ़: महज कुछ हफ्ते पहले नेपाल-तिब्बत बॉर्डर पर आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचाई थी।
- 1400 से ज्यादा मौतें: उस बाढ़ में 1,400 से ज्यादा लोगों की जान चली गई थी और सैकड़ों घर बह गए थे।
- दोहरी मार: बाढ़ के सदमे से लोग अभी उबर भी नहीं पाए थे कि इस 7.0 तीव्रता के भूकंप ने इलाके को फिर से बर्बादी के मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया है।
China Tremors Update: भारत के सीमावर्ती इलाकों में भी हलचल
इस मुख्य झटके के अलावा आसपास के क्षेत्रों में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए। National Center for Seismology (NCS) के आंकड़ों के मुताबिक:
- चीन के एक अन्य हिस्से में रात 8:29 बजे (IST) 5.2 तीव्रता का एक और भूकंप दर्ज किया गया।
- इसका केंद्र अरुणाचल प्रदेश के पांगिन से करीब 505 किलोमीटर उत्तर-उत्तर-पश्चिम में 15 किलोमीटर की गहराई में था।
- फिलहाल नागकू में मलबे को हटाने और फंसे हुए लोगों को बाहर निकालने का काम लगातार जारी है। अधिकारी नुकसान की जमीनी समीक्षा कर रहे हैं, जिससे मृतकों का आंकड़ा और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।









