TMC VS NCPI : "TMC में सबसे बड़ा खेल! 20 सांसदों की बगावत से ममता को बड़ा झटका?" "कौन है वो पार्टी जिसने बदल दिया TMC का पूरा समीकरण?" "नई पार्टी, नया गठबंधन… क्या TMC पर कब्जे की शुरू हुई लड़ाई?" "ममता की पार्टी में महाभूकंप! 20 सांसदों ने क्यों बदला रास्ता?"

नई दिल्ली: ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (AITC) में सियासी भूचाल आ गया है। रविवार को पार्टी के एक बड़े गुट ने बगावत का झंडा बुलंद कर दिया। बागी सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने पुष्टि की है कि 20 लोकसभा सांसद नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में शामिल हो गए हैं और अब वे नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (NDA) को समर्थन देंगे। लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला से मुलाकात के बाद घोष दस्तीदार ने बताया कि उनके गुट ने संसद में अलग बैठने की मांग की है। उन्होंने दावा किया कि यह गुट पार्टी की कुल ताकत का दो-तिहाई से ज्यादा है। तो आइए जानते हैं टीएमसी के सासंद जिस पार्टी में शामिल हुए हैं वह क्या है? कब इसकी स्थापना हुई और कौन इस राजनीतिक दल का वर्तमान में अध्यक्ष है?

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कब बनी NCPI और कौन है इसका अध्यक्ष?

बता दें कि नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) त्रिपुरा राज्य का गैर-मान्यता प्राप्त (Registered Unrecognised) राजनीतिक दल है। इस पार्टी को 20 जनवरी 2023 को चुनाव आयोग (ECI) के साथ पश्चिम बंगाल के लिए मान्यता दी थी। इसी पार्टी के बंगाल में पंजीकृत होने के बाद त्रिपुरा में पहला विधानसभा चुनाव लड़ा था। वर्तमान में एनसीपीआई के अध्यक्ष उत्पिया कुंडू (Uttiya Kundu) हैं। वहीं उनकी पत्नी शेवली कुंडू इसकी कोषाध्यक्ष हैं। लेकिन इस पार्टी की सबसे ज्यादा चर्चा तब हो रही है जब TMC के बागी सांसदों ने ममता बनर्जी का साथ छोड़कर इस पार्टी में अपने विलय की घोषणा की।

NCPI अब NDA में हुआ शामिल

ANI से बात करते हुए दस्तीदार ने कहा, "हम, AITC से चुने गए बीस सांसदों ने स्पीकर से मुलाकात की और अलग बैठने की मांग करते हुए एक चिट्ठी दी है। ये बीस सांसद हमारी कुल संख्या का दो-तिहाई से ज्यादा हैं। हम नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी के साथ विलय कर रहे हैं। आगे हम प्रधानमंत्री के नेतृत्व में NDA के साथ मिलकर देश के लिए काम करेंगे।"

TMC के बागी सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय ने कहा "हम नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी में शामिल हो गए हैं। यह एक राजनीतिक पार्टी है, एक मान्यता प्राप्त क्षेत्रीय पार्टी है। हमने इसके साथ विलय कर लिया है। उन्होंने बताया कि लोकसभा स्पीकर ने अलग बैठने की मांग के लिए उनके दस्तखत वेरिफाई किए हैं और माना है कि वे दो-तिहाई बहुमत में हैं। उन्होंने साफ किया कि जुलाई में बागी सांसद पार्टी के नाम, यानी तृणमूल कांग्रेस, पर भी दावा करेंगे। उन्होंने कहा, "ओम बिड़ला ने सभी 20 दस्तखत वेरिफाई किए। यह अब 2/3 है। यही सिस्टम है। जब आप पार्टी के 2/3 हिस्से के साथ निकलते हैं, तो आप पहले ही दिन पार्टी के नाम की मांग नहीं कर सकते। जुलाई में हम मांग करेंगे कि तृणमूल हमें दिया जाए क्योंकि हमारे पास तृणमूल से 2/3 बहुमत है। फिर अदालत फैसला करेगी।" असली टीएमसी कौन है, इसका फैसला कोर्ट में होगा।"