मॉस्को पर हुए ताजा ड्रोन हमले में यूक्रेन ने किन ठिकानों को निशाना बनाया? रूस ने कितने यूक्रेनी ड्रोन मार गिराने का दावा किया है? मॉस्को ऑयल रिफाइनरी पर हमले से रूस को कितना नुकसान हुआ? गजप्रोम नेफ्त रिफाइनरी रूस के लिए क्यों महत्वपूर्ण है? क्या यह मॉस्को पर अब तक का सबसे बड़ा यूक्रेनी ड्रोन हमला है?

मिडिल-ईस्ट में ईरान-अमेरिका के बीच पिछले 110 दिनों से जारी युद्ध को लेकर अभी अंतरिम समझौता हुआ ही था कि दूसरी ओर, यूक्रेन ने रूस की राजधानी मास्को पर भारी बमबारी कर तबाही मचा दी। यूक्रेन की ओर से किए गए भारी ड्रोन अटैक के बाद राजधानी मास्को के कई इलाकों से आग और धुएं के गुबार उठते दिखाई दिए। इस हमले में मॉस्को की महत्वपूर्ण ऑयल रिफाइनरियां भी निशाने पर रहीं, जबकि कई एयरपोर्ट्स पर उड़ानों का संचालन अस्थायी रूप से रोकना पड़ा। रूसी अधिकारियों के अनुसार, यह एक सप्ताह के भीतर मॉस्को की ऑयल रिफाइनरी पर दूसरा हमला है। इसे रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद राजधानी मॉस्को पर हुए सबसे बड़े ड्रोन हमलों में से एक माना जा रहा है।

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मॉस्को ऑयल रिफाइनरी पर हमला, धमाके के बाद लगी भीषण आग

ड्रोन हमले के बाद मॉस्को की ऑयल रिफाइनरी में जोरदार विस्फोट हुआ। इसके बाद आग की ऊंची लपटें और घना काला धुआं कई किलोमीटर दूर तक देखा गया। रूस के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि उसकी एयर डिफेंस प्रणाली ने रातभर में देश के विभिन्न हिस्सों में 555 यूक्रेनी ड्रोन को मार गिराया। इनमें से करीब 200 ड्रोन मॉस्को के आसपास ही रोक लिए गए थे। हालांकि, कई ड्रोन सुरक्षा घेरे को भेदने में सफल रहे और उन्होंने राजधानी के अहम ठिकानों को निशाना बनाया।

रूस का एयर डिफेंस सिस्टम सभी ड्रोन नहीं रोक पाया

रूसी अधिकारियों के मुताबिक, मॉस्को में तैनात एयर डिफेंस सिस्टम ने बड़ी संख्या में ड्रोन को नष्ट किया, लेकिन सभी को रोक पाना संभव नहीं हो सका। हमले के कारण सैडोवोड (Sadovod) और बेलाया दाचा (Belaya Dacha) जैसे प्रमुख शॉपिंग कॉम्प्लेक्स तथा कुछ आवासीय इमारतों को नुकसान पहुंचा है। कई इलाकों में आग लगने की घटनाएं सामने आईं। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने हमले से जुड़े कुछ वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भी साझा किए हैं।

मॉस्को के मेयर ने क्या कहा?

मॉस्को के मेयर सर्गेई सोब्यानिन ने बताया कि कई ड्रोन राजधानी के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में स्थित मॉस्को ऑयल रिफाइनरी से टकराए। उनके अनुसार, हमले का मुख्य निशाना तेल रिफाइनरी और उससे जुड़ा बुनियादी ढांचा था।

गजप्रोम नेफ्त रिफाइनरी को सबसे ज्यादा नुकसान

रिपोर्ट्स के अनुसार, हमले में गजप्रोम नेफ्त (Gazprom Neft) की रिफाइनरी को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा है। यह संयंत्र मॉस्को क्षेत्र में ईंधन आपूर्ति करने वाले सबसे बड़े प्लांट्स में से एक है। बताया गया है कि 16 जून को हुए पहले हमले के बाद 18 जून को दोबारा हमला किया गया। इस दौरान स्टोरेज टैंकों, क्रूड ऑयल प्रोसेसिंग यूनिट और डीजल हाइड्रोट्रीटिंग यूनिट को नुकसान पहुंचा है। आग लगने के बाद पूरे क्षेत्र में काला धुआं फैल गया।

मॉस्को के चार प्रमुख एयरपोर्ट्स पर उड़ानें रोकी गईं

रूस के परिवहन मंत्रालय ने बताया कि सुरक्षा कारणों से मॉस्को के चार प्रमुख एयरपोर्ट्स पर उड़ानों का संचालन अस्थायी रूप से रोक दिया गया। इनमें शेरेमेतयेवो (Sheremetyevo), डोमोदेदोवो (Domodedovo), व्नुकोवो (Vnukovo) जैसे प्रमुख हवाई अड्डे शामिल हैं। उड़ानें रोके जाने से सैकड़ों यात्रियों और फ्लाइट्स पर असर पड़ा। हमले के बाद कई इलाकों में लगातार विस्फोटों की आवाज सुनाई देती रही। धुएं और आग की वजह से शहर के कुछ हिस्सों में दिन के समय भी अंधेरा जैसा माहौल बन गया। स्थानीय लोगों में डर और अनिश्चितता का माहौल देखने को मिला।

ज़ेलेंस्की के बयान के कुछ घंटों बाद हुआ हमला

यह हमला यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की के उस बयान के कुछ ही घंटों बाद हुआ, जिसमें उन्होंने कहा था कि उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ एक महत्वपूर्ण समन्वय वार्ता की है। ज़ेलेंस्की ने दावा किया था कि इस बातचीत से यूक्रेन के लिए बड़ा बदलाव आ सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि फ्रांस में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन में शामिल विश्व नेताओं से यूक्रेन को अतिरिक्त सहायता का महत्वपूर्ण आश्वासन मिला है।

G7 बैठक में यूक्रेन को समर्थन का भरोसा

वर्साय पैलेस से निकलते समय फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने पत्रकारों से कहा कि पिछले कुछ दिन यूक्रेन के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहे हैं। उन्होंने कहा कि G7 देशों के बीच यूक्रेन को लेकर एकजुटता मजबूत हुई है और पश्चिमी देश यूक्रेन को समर्थन देना जारी रखेंगे। मैक्रों के अनुसार, सहयोगी देश यूक्रेन की रक्षा क्षमता और जवाबी कार्रवाई की ताकत बढ़ाने में मदद करते रहेंगे।

ASEAN बैठक में व्यस्त हैं राष्ट्रपति पुतिन

यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन मॉस्को से लगभग 700 किलोमीटर दूर कज़ान शहर में मौजूद हैं। वह वहां दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के संगठन ASEAN के नेताओं की मेजबानी कर रहे हैं। रूस इस मंच के जरिए व्यापारिक और रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने की कोशिश कर रहा है।

रूस-ASEAN रणनीतिक साझेदारी पर भी चर्चा

क्रेमलिन के विदेश नीति सलाहकार यूरी उशाकोव के मुताबिक, दो दिवसीय बैठक में रूस और ASEAN देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के उपायों पर चर्चा की जा रही है। बैठक में जिन देशों की भागीदारी हैं उनमें ब्रुनेई, कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओस, मलेशिया, म्यांमार, फिलीपींस, सिंगापुर, थाईलैंड, पूर्वी तिमोर और वियतनाम हैं। इस बीच मॉस्को पर हुआ यह बड़ा हमला रूस-यूक्रेन युद्ध में एक नए और गंभीर मोड़ के रूप में देखा जा रहा है, जिसने राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था और ऊर्जा ढांचे को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।