योगी सरकार की किसान पाठशाला 8.0 के तहत रबी सीजन 2025-26 में 20.15 लाख किसानों को आधुनिक खेती, सरकारी योजनाओं और कृषि नवाचारों का प्रशिक्षण दिया गया। 2017 से अब तक दो करोड़ से अधिक किसान इससे लाभान्वित हो चुके हैं।
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर उत्तर प्रदेश में किसानों को आधुनिक खेती, सरकारी योजनाओं और कृषि नवाचारों से जोड़ने के लिए किसान पाठशाला का आयोजन किया जा रहा है। कृषि विभाग के तत्वावधान में इस वर्ष भी किसानों को व्यापक प्रशिक्षण दिया गया। ‘खेती की बात खेत पर’ थीम के साथ किसान पाठशाला 8.0 (रबी: 2025-26) का सफल आयोजन हुआ, जिसमें प्रदेश भर के 20.15 लाख किसानों ने भाग लिया। किसान पाठशाला का शुभारंभ 12 दिसंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पद्मश्री किसान रामसरन वर्मा के गांव दौलतपुर (बाराबंकी) से किया था।
रबी सीजन 2025-26 में 20.15 लाख किसानों को मिला प्रशिक्षण
कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बताया कि रबी सीजन के दौरान प्रदेश भर में कृषि विज्ञान केंद्रों, पैक्स सोसाइटी, ग्राम पंचायत सचिवालयों और प्रगतिशील किसानों के सहयोग से किसान पाठशाला आयोजित की गई। प्रदेश की 21 हजार ग्राम पंचायतों में हुए इन कार्यक्रमों में कुल 20.15 लाख किसानों ने हिस्सा लिया।
12.62 लाख पुरुष और 7.53 लाख महिला किसानों को मिला नवाचार प्रशिक्षण
इस अभियान के तहत 12.62 लाख पुरुष किसान और 7.53 लाख महिला किसान को कृषि एवं सहवर्ती विभागों की योजनाओं, कृषि विश्वविद्यालयों, शोध संस्थानों और कृषि विज्ञान केंद्रों में विकसित नवीन तकनीकों की जानकारी दी गई। किसानों को वैज्ञानिक और व्यावहारिक तरीके से खेती करने का प्रशिक्षण दिया गया।
2017-18 से अब तक दो करोड़ से अधिक किसान प्रशिक्षित
कृषि विभाग के अनुसार, वर्ष 2017-18 से अब तक किसान पाठशाला के माध्यम से दो करोड़ से अधिक किसानों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक अपनाने के लिए सक्षम बनाना और उनकी आय बढ़ाना है।
आधुनिक खेती, प्राकृतिक खेती और आय बढ़ाने पर फोकस
योगी सरकार की किसान पाठशाला पहल के अंतर्गत किसानों को
- आधुनिक खेती की तकनीक
- प्राकृतिक और जैविक खेती
- फसल प्रबंधन
- फसल सुरक्षा और मृदा स्वास्थ्य
- बागवानी और नई कृषि तकनीक
- सरकारी योजनाओं का लाभ
जैसे विषयों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि किसान कम लागत में बेहतर उत्पादन कर सकें और आत्मनिर्भर बनें।


