CM योगी आदित्यनाथ ने सिंगापुर-जापान दौरे के दौरान ODOP योजना के तहत 500 से अधिक पारंपरिक कलाकृतियां भेंट कर UP की शिल्प कला को वैश्विक मंच पर पहुंचाया। इससे कारीगरों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में नई पहचान और निर्यात के अवसर मिलेंगे।
लखनऊ/सिंगापुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सिंगापुर और जापान दौरे ने निवेश, औद्योगिक साझेदारी और सांस्कृतिक कूटनीति – तीनों स्तरों पर नई पहचान बनाई। जहां एक ओर निवेश और उद्योग के क्षेत्र में नए अवसरों के द्वार खुले, वहीं दूसरी ओर सीएम योगी ‘एक जिला-एक उत्पाद’ (ODOP) योजना के सबसे बड़े ब्रांड एंबेसडर के रूप में भी नजर आए।
उन्होंने यूपी की पारंपरिक शिल्प कला को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करते हुए सिंगापुर और जापान के प्रमुख नेताओं, कॉरपोरेट लीडर्स और बच्चों को 500 से अधिक विशेष कलाकृतियां भेंट कीं। इन उपहारों के माध्यम से प्रदेश के कारीगरों की प्रतिभा को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने का प्रयास किया गया।
ODOP Gifts Global Promotion: सिंगापुर और जापान में यूपी की कला का प्रदर्शन
सीएम योगी ने ‘एक जनपद-एक उत्पाद’ (ODOP) योजना के तहत तैयार कराई गई विशिष्ट कलाकृतियां विदेशी मेहमानों को भेंट कीं। इन उपहारों ने वहां के लोगों का ध्यान खास तौर पर आकर्षित किया। विशेष रूप से बच्चों के लिए तैयार किए गए उपहारों में मंडला आर्ट से बनी कलाकृतियां शामिल थीं। 300 से अधिक बच्चों को जब ये उपहार दिए गए तो वे बेहद उत्साहित नजर आए। हस्तनिर्मित कलाकृतियों की बारीकी और सुंदरता देखकर विदेशी मेहमान भी आश्चर्यचकित रह गए।
Banarasi Meenakari & Firozabad Glass Art: पारंपरिक शिल्प ने जीता दिल
इस दौरान बनारस की गुलाबी मीनाकारी ने सभी का विशेष ध्यान आकर्षित किया। फिरोजाबाद के रंगीन कांच से बनी भगवान श्रीराम, शिव, राधा-कृष्ण और बुद्ध की प्रतिमाएं लोगों को मंत्रमुग्ध करती रहीं। मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए उपहारों में शामिल रहे-
- फिरोजाबाद की ग्लास प्रतिमाएं (राम, शिव, राधा-कृष्ण, बुद्ध)
- मुरादाबाद की ब्रास प्रतिमाएं (शिव और बुद्ध)
- वाराणसी की मीनाकारी से बने बुद्ध, मोर और गुलाबी मीनाकारी से तैयार काशी विश्वनाथ मंदिर का मॉडल
- सहारनपुर की लकड़ी से बनी शिव और राधा-कृष्ण की प्रतिमाएं
इन सभी उत्पादों ने उत्तर प्रदेश की समृद्ध कला परंपरा को विश्व मंच पर प्रदर्शित किया।
Local to Global Strategy: आत्मनिर्भर भारत और Vocal for Local को बढ़ावा
यह भेंट परंपरा ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना को मजबूत करती है। मंडला आर्ट और अन्य पारंपरिक उत्पाद सांस्कृतिक आदान-प्रदान का भावनात्मक माध्यम बने। इस पहल से उत्तर प्रदेश के कारीगरों और शिल्पकारों को वैश्विक बाजार में नई पहचान मिलेगी। अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी और उपहारों के माध्यम से इन उत्पादों की ब्रांड वैल्यू बढ़ेगी और निर्यात के नए अवसर खुलेंगे। इससे लाखों कारीगर परिवारों की आजीविका को भी मजबूत आधार मिलेगा। सीएम योगी का यह दौरा केवल निवेश तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को दुनिया के सामने प्रस्तुत करने का भी एक महत्वपूर्ण प्रयास साबित हुआ।


