डोनाल्ड ट्रंप की कंपनी 'ट्रंप मीडिया' ने एक नई API सर्विस शुरू की है। इसके तहत वॉल स्ट्रीट की कंपनियां ट्रंप के 'ट्रुथ सोशल' पोस्ट को जल्दी पाने के लिए सालाना 1 लाख डॉलर तक दे रही हैं, जबकि कंपनी खुद भारी घाटे में चल रही है।

डोनाल्ड ट्रंप की सोशल मीडिया कंपनी 'ट्रंप मीडिया' ने कमाई का एक नया रास्ता खोज निकाला है। वॉल स्ट्रीट की 10 से ज़्यादा ट्रेडिंग कंपनियां ट्रंप के 'ट्रुथ सोशल' पर किए गए पोस्ट को आम लोगों से कुछ सेकंड पहले हासिल करने के लिए सालाना 1 लाख डॉलर (करीब 83 लाख रुपए) तक चुका रही हैं। यह सब एक नई सर्विस 'Truth API' के ज़रिए हो रहा है, जो सब्सक्राइबर्स को पोस्ट का डायरेक्ट फीड देती है।

इन कंपनियों के लिए यह सौदा बेहद कीमती है, क्योंकि ट्रंप के एक पोस्ट से शेयर बाज़ार में बड़ी हलचल मच सकती है। कुछ सेकंड की यह बढ़त इन फर्मों को दूसरे निवेशकों से पहले शेयर खरीदने या बेचने का मौका देती है, जिससे वे मोटा मुनाफा कमा सकती हैं। ये कंपनियां हाई-फ्रीक्वेंसी ट्रेडिंग के लिए जानी जाती हैं, जहां कंप्यूटर एल्गोरिदम सेकंडों में सौदे करते हैं।

कंपनी को क्यों पड़ी पैसों की ज़रूरत?

ट्रंप मीडिया की यह नई पेशकश ऐसे समय में आई है जब कंपनी खुद भारी वित्तीय संकट से जूझ रही है। कंपनी की तरफ से जारी किए गए दस्तावेज़ों से पता चलता है कि पिछली तिमाही में ही उसे 300 मिलियन डॉलर से ज़्यादा का भारी-भरकम घाटा हुआ है। ज़ाहिर है, कंपनी अपनी कमाई के रास्ते बढ़ाने के लिए हर मुमकिन कोशिश कर रही है।

कंपनी की वित्तीय मुश्किलें यहीं खत्म नहीं होतीं। ट्रंप मीडिया के पास कुछ मिलियन डॉलर की क्रिप्टोकरेंसी भी थी, जिसकी कीमत में 1,40,000 डॉलर से ज़्यादा की गिरावट आ चुकी है। एक तरफ विलय के बाद शेयर बाज़ार में लिस्ट हुई कंपनी के स्टॉक (DJT) में भारी उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है, तो दूसरी तरफ कंपनी को लगातार नुकसान हो रहा है।

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क्या है ये 'Truth API' सर्विस?

'Truth API' एक तकनीकी ज़रिया है जो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर होने वाली गतिविधि का सीधा डेटा फीड मुहैया कराता है। ट्रंप मीडिया ने पुष्टि की है कि इस सर्विस का मकसद कमाई के नए स्रोत बनाना और अलग-अलग तरह के व्यवसायों को अपनी सेवाएं देना है। इस मामले में ग्राहक 'क्वांटिटेटिव हेज फंड' और हाई-स्पीड ट्रेडर हैं जो ख़बरों पर तुरंत प्रतिक्रिया देकर पैसा बनाते हैं।

यह अपने आप में दिलचस्प है कि जिस कंपनी को ट्रंप के नाम पर बनाया गया, वह अब उन्हीं के शब्दों को वॉल स्ट्रीट को बेचकर अपना घाटा पाटने की कोशिश कर रही है। कंपनी के सबसे बड़े शेयरहोल्डर खुद डोनाल्ड ट्रंप हैं और उनके पोस्ट ही 'ट्रुथ सोशल' का सबसे बड़ा आकर्षण हैं।

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