अधिकारियों का कहना है कि यह कदम रेलवे स्टेशनों पर आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या को देखते हुए उठाया गया है। खासकर भीड़-भाड़ वाले इलाकों में इन कुत्तों की मौजूदगी यात्रियों के लिए खतरा बन सकती है।
Western Railway: मुंबई में पश्चिम रेलवे (WR) ने अपने रेलवे स्टेशनों को आवारा कुत्तों से मुक्त रखने के लिए बड़ा कदम उठाया है। अधिकारियों के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट के पिछले साल के निर्देशों के बाद पश्चिम रेलवे ने स्टेशनों पर इस व्यवस्था की निगरानी के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की है।
Mumbai Local News: स्टेशन प्रमुखों को मिली जिम्मेदारी
नई व्यवस्था के तहत स्टेशन सुपरिटेंडेंट और स्टेशन मास्टर अपने-अपने स्टेशन परिसर में आवारा कुत्तों की मौजूदगी को रोकने के लिए जिम्मेदार होंगे। उन्हें नियमित रूप से स्टेशन परिसर का निरीक्षण करने और आवारा कुत्तों की जानकारी मिलने पर स्थानीय निकाय से समन्वय कर कार्रवाई कराने के निर्देश दिए गए हैं।
स्टेशन अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि आवारा कुत्ते रेलवे परिसर में दोबारा प्रवेश न करें। इसके लिए जरूरी कदम उठाने और की गई कार्रवाई का रिकॉर्ड रखने को भी कहा गया है।
Railway Station Safety: यात्रियों की सुरक्षा पर फोकस
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, भीड़भाड़ वाले स्टेशनों पर आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या यात्रियों के लिए सुरक्षा संबंधी परेशानी पैदा कर सकती है। खासकर व्यस्त इलाकों में अचानक कुत्तों के आने से यात्रियों के गिरने या अन्य दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।
नई व्यवस्था का उद्देश्य शिकायतों पर तेजी से कार्रवाई करना और स्टेशन स्तर पर ही पूरे मामले की निगरानी सुनिश्चित करना है।
स्टेशन पर दिखेगा नोडल अधिकारी का नाम और संपर्क
नियुक्त किए गए नोडल अधिकारियों के नाम और संपर्क नंबर स्टेशन के प्रवेश द्वारों पर प्रमुखता से प्रदर्शित किए जाने की योजना है। इससे यात्रियों को स्टेशन परिसर में आवारा कुत्ते दिखने या उनसे जुड़ी किसी समस्या की स्थिति में संबंधित अधिकारी को सूचना देने में आसानी होगी।
स्टेशन प्रमुखों को जरूरत पड़ने पर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट अपने डिविजनल कार्यालय में जमा करनी होगी।
Supreme Court Order: पिछले साल दिए गए थे निर्देश
यह कदम सुप्रीम कोर्ट के पिछले साल नवंबर में दिए गए निर्देशों के बाद उठाया गया है। अदालत ने रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों, अस्पतालों और स्कूलों जैसे ज्यादा भीड़ वाले सार्वजनिक स्थानों से आवारा कुत्तों को हटाने को लेकर निर्देश दिए थे।
पश्चिम रेलवे के मुंबई डिविजन में करीब 10 दिन पहले इस संबंध में आंतरिक सर्कुलर जारी किया गया था। मुंबई डिविजन के स्टेशन स्टाफ को नई जिम्मेदारियों के बारे में जानकारी दी गई है।
BMC के साथ मिलकर होगी कार्रवाई
पश्चिम रेलवे ने चर्चगेट से बोरीवली के बीच पश्चिमी लाइन से जुड़े बीएमसी के करीब 25 से 30 वार्ड अधिकारियों को पत्र भेजे हैं। इसका उद्देश्य रेलवे परिसर में मौजूद आवारा कुत्तों को हटाने और उनके लिए उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने में रेलवे तथा नगर निकाय के बीच बेहतर तालमेल बनाना है।
एक रेलवे अधिकारी के मुताबिक, रेलवे स्टेशन से पकड़े गए कुत्तों के लिए शेल्टर उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी बीएमसी की होगी। स्टेशन पर नियुक्त नोडल अधिकारी संबंधित बीएमसी वार्ड अधिकारियों को इसकी जानकारी देंगे, जिसके बाद नगर निकाय की टीम कुत्तों को स्टेशन परिसर से ले जाएगी।
शिकायतों और कुत्तों की संख्या का बनेगा रिकॉर्ड
पश्चिम रेलवे अब स्टेशनों पर आने वाली शिकायतों और वहां देखे गए आवारा कुत्तों की संख्या का रिकॉर्ड भी तैयार करेगा। अधिकारियों के मुताबिक, यह जानकारी बीएमसी के साथ साझा की जाएगी, ताकि समस्या की स्थिति और उस पर हुई कार्रवाई का आकलन किया जा सके।
स्टेशन स्तर पर होगी कार्रवाई की निगरानी
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि पहले आवारा कुत्तों से जुड़ी शिकायतों पर कार्रवाई के लिए कई विभागों के बीच समन्वय करना पड़ता था। इससे प्रतिक्रिया में देरी हो सकती थी। अब स्टेशन स्तर पर अधिकारी तय होने से शिकायत संबंधित बीएमसी वार्ड तक जल्दी पहुंचने की उम्मीद है।
नई व्यवस्था के तहत पश्चिम रेलवे स्टेशन परिसर में आवारा कुत्तों की स्थिति पर नियमित नजर रखेगा और शिकायतों पर हुई कार्रवाई की निगरानी भी स्टेशन स्तर पर की जाएगी।
