उत्तर प्रदेश में राज्यसभा टिकट को लेकर बीजेपी के अंदर सियासी हलचल तेज हो गई है। पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप ने टिकट नहीं मिलने के बाद सोशल मीडिया पर ‘टाटा बाय-बाय’ लिखा, जिसके बाद उनके अगले राजनीतिक कदम को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर बीजेपी की ओर से उम्मीदवारों की घोषणा के बाद बरेली की सियासत में हलचल तेज हो गई है। आंवला से पूर्व बीजेपी सांसद धर्मेंद्र कश्यप ने सोशल मीडिया पर सिर्फ दो शब्द लिखे- ‘टाटा बाय-बाय’। उनकी इस पोस्ट के बाद राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि धर्मेंद्र कश्यप ने अभी बीजेपी छोड़ने या किसी दूसरी पार्टी में जाने का आधिकारिक ऐलान नहीं किया है।
कौन हैं धर्मेंद्र कश्यप?
- धर्मेंद्र कश्यप बरेली के आंवला लोकसभा क्षेत्र से दो बार सांसद रह चुके हैं।
- 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी के टिकट पर जीत दर्ज की थी।
- 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्हें समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार से हार का सामना करना पड़ा था।
- धर्मेंद्र कश्यप का राजनीतिक सफर काफी लंबा रहा है। उन्होंने 1995 में क्षेत्र पंचायत सदस्य के तौर पर राजनीति की शुरुआत की।
- वह जिला पंचायत सदस्य बने। 2002 में उन्होंने पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ा और विधायक बने।
- 2007 में भी वह विधानसभा चुनाव जीते और उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री भी रहे।
पहले सपा में थे, फिर बीजेपी में आए
धर्मेंद्र कश्यप ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत बहुजन समाज पार्टी से की थी। बाद में वह समाजवादी पार्टी में चले गए। 2002 और 2007 में वह सपा के टिकट पर विधानसभा चुनाव जीते। 2009 में उन्होंने सपा के टिकट पर लोकसभा चुनाव भी लड़ा, लेकिन बीजेपी की मेनका गांधी से हार गए।
इसके बाद 2014 में धर्मेंद्र कश्यप बीजेपी में शामिल हो गए। इसी साल बीजेपी ने उन्हें आंवला लोकसभा सीट से टिकट दिया और उन्होंने चुनाव जीत लिया। 2019 में भी उन्होंने इसी सीट से जीत दर्ज की।
राज्यसभा टिकट की चर्चा के बीच सामने आई पोस्ट
उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए चुनाव होना है। बीजेपी ने फिलहाल 8 उम्मीदवारों के नाम घोषित किए हैं। इनमें धर्मपाल सिंह, राधाकांत ओझा, प्रकाश पाल, विद्यसागर सोनकर, गोपी कृष्ण पांडेय, प्रियंका सिंह रावत, राम प्रताप सिंह चौहान और श्रुति गंगवार के नाम शामिल हैं। धर्मेंद्र कश्यप का नाम इस सूची में नहीं है।उम्मीदवारों की सूची आने के बाद धर्मेंद्र कश्यप ने फेसबुक पर ‘टाटा बाय-बाय’ लिखा। इसके बाद इस पोस्ट को राज्यसभा टिकट से जोड़कर देखा जाने लगा।
क्या बीजेपी छोड़ेंगे धर्मेंद्र कश्यप?
फिलहाल इसका कोई आधिकारिक जवाब नहीं है। उनकी पोस्ट में बीजेपी का नाम नहीं लिखा गया है और उन्होंने पार्टी छोड़ने की घोषणा भी नहीं की है। हालांकि, उनकी पोस्ट के बाद समाजवादी पार्टी समर्थकों की ओर से स्वागत वाले कमेंट भी किए जा रहे हैं। कुछ रिपोर्टों में उनकी सपा नेताओं से मुलाकातों की चर्चा भी है, लेकिन किसी नए राजनीतिक फैसले की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
इसलिए अभी धर्मेंद्र कश्यप की ‘टाटा बाय-बाय’ पोस्ट को राजनीतिक संकेत या नाराजगी के तौर पर देखा जा रहा है, लेकिन इसे बीजेपी छोड़ने का पक्का ऐलान नहीं कहा जा सकता। अब सबकी नजर उनके अगले कदम पर है।


