क्या 100 मिलियन डॉलर के कथित बैंक फ्रॉड के पीछे छिपा था एक बड़ा रियल एस्टेट खेल? क्या डिजिटल रिकॉर्ड्स में हेरफेर कर अमेरिकी बैंक को गुमराह किया गया? आखिर क्यों महेंद्र मखीजानी पर कथित सेक्स पार्टियों और दबाव की रणनीति के आरोप लगे? क्या यह सिर्फ धोखाधड़ी का मामला है या जल्द सामने आएंगे और भी बड़े राज़?

Who Is Mahender Makhijani? अमेरिका के कैलिफोर्निया से एक ऐसी सनसनीखेज खबर सामने आई है जिसने पूरे कॉरपोरेट जगत और भारतीय प्रवासियों को हिलाकर रख दिया है। खुद को एक बेहद सफल रियल एस्टेट टाइकून और फाइनेंसर के रूप में स्थापित करने वाले भारतीय मूल के महेंद्र मखीजानी को अमेरिकी फेडरल एजेंटों ने एक बड़े और शातिर बैंक घोटाले के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। 44 वर्षीय मखीजानी पर अमेरिकी फेडरल बैंक से लगभग 100 मिलियन डॉलर (करीब ₹830 करोड़ से अधिक) की धोखाधड़ी करने और अपने विरोधियों को फंसाने के लिए गुप्त 'सेक्स पार्टियां' आयोजित करने के बेहद संगीन और हैरान करने वाले आरोप लगे हैं। कोरोना डेल मार के पॉश इलाके में एक आलीशान हवेली में ऐश-ओ-आराम की जिंदगी जीने वाला यह बिजनेसमैन अब अमेरिकी कानून के शिकंजे में पूरी तरह जकड़ चुका है।

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न्यूपोर्ट बीच का वो 'रहस्यमयी' बॉस और अरबों का खेल

महेंद्र मखीजानी भारत से अमेरिका गया एक कानूनी रूप से स्थायी निवासी (Green Card Holder) है, जिसने दक्षिणी कैलिफोर्निया के ऑरेंज काउंटी प्रॉपर्टी मार्केट में अपनी धाक जमाई थी। वह न्यूपोर्ट बीच पर स्थित एक रसूखदार फर्म 'कैंटर ग्रुप V LLC' को चलाता था। यह कंपनी कमर्शियल रियल एस्टेट से जुड़े महंगे और हाई-प्रोफाइल लोन देने और खरीदने का काम करती थी। बाहर से बेहद प्रोफेशनल दिखने वाले मखीजानी के इस साम्राज्य के पीछे धोखाधड़ी और जालसाजी का एक ऐसा खेल चल रहा था, जिसकी भनक अमेरिकी खुफिया एजेंसियों को भी देर से लगी।

सॉफ्टवेयर का डिजिटल मायाजाल: अमेरिकी बैंक को कैसे लगाया चूना?

यूनाइटेड स्टेट्स डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस (DoJ) द्वारा जारी औपचारिक चार्जशीट के अनुसार, मखीजानी ने फेडरल तौर पर इंश्योर्ड लेंडर 'वेस्टर्न एलायंस बैंकॉर्प' को निशाना बनाया। फेडरल प्रॉसिक्यूटर्स ने अदालत को बताया कि सितंबर 2024 से अप्रैल 2025 के बीच, मखीजानी ने प्रॉपर्टी टाइटल इंश्योरेंस रिकॉर्ड में हेरफेर करने के लिए एक बेहद एडवांस डिजिटल सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया।

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बैंकों को महेंद्र मखीजानी ने किन तरीकों से दिया धोखा?

उसने निम्नलिखित शातिर महेंद्र मखीजानी ने इन तीन तरीकों से बैंक को धोखा दिया:

  1. डॉक्यूमेंट्स में हेरफेर: असली कागजातों के साथ छेड़छाड़ कर उन्हें फर्जी रूप दिया।
  2. मेटाडेटा को मिटाना: डिजिटल फाइलों के मेटाडेटा को पूरी तरह डिलीट कर दिया ताकि बैंक को तकनीकी रूप से कोई शक न हो।
  3. झूठा कोलेटरल (सुरक्षा): बैंक को यह गलत भरोसा दिलाया कि उसकी कंपनी का कई संपत्तियों पर पहला और प्राथमिक अधिकार है, जबकि असलियत में उन प्रॉपर्टीज पर दूसरे लेनदारों का हक पहले से था। इस फर्जी सिक्योरिटी के दम पर उसने 100 मिलियन डॉलर का भारी-भरकम लोन पास करा लिया।

सस्पेंस से भरा 'हनीट्रैप' और डराने-धमकाने का गंदा धंधा

इस मामले का सबसे चौंकाने वाला और सस्पेंस से भरा पहलू मखीजानी का वो काला इतिहास है, जो उसकी हाई-सोसाइटी लाइफस्टाइल के पीछे छुपा हुआ था। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स, खासकर 'न्यूयॉर्क पोस्ट' के सनसनीखेज खुलासों के मुताबिक, मखीजानी अपने बिजनेस प्रतिद्वंद्वी और पार्टनर्स को अपने काबू में रखने के लिए बेहद खतरनाक पर्सनल दबाव बनाता था। अदालती दस्तावेजों और उसके पूर्व सहयोगियों के बयानों से यह बात सामने आई है कि वह बिजनेस पार्टनर्स को अपने जाल में फंसाने के लिए आलीशान 'सेक्स पार्टियां' आयोजित करता था। इन पार्टियों के जरिए वह लोगों की कमजोरियों को रिकॉर्ड करता था और बाद में उन्हें आक्रामक तरीके से निजी धमकियां देता था ताकि कोई उसके खिलाफ मुंह न खोल सके।

1.3 बिलियन डॉलर का झटका और 30 साल की जेल!

क्रिमिनल केस से अलग, मखीजानी का सिविल कोर्ट में भी बहुत बुरा रिकॉर्ड रहा है। हाल ही में वह और उसकी कंपनी 'कंटीन्यूम एनालिटिक्स', एक स्थानीय बिजनेसमैन मोहम्मद होनारकर के साथ प्रॉपर्टी मैनेजमेंट एग्रीमेंट टूटने के चलते 1.3 बिलियन डॉलर का एक विशाल सिविल आर्बिट्रेशन केस हार चुके हैं।

अब आगे क्या होगा?

फिलहाल, हथियारों से लैस फेडरल अधिकारियों द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद मखीजानी को सांता एना की फेडरल कोर्ट में पेश किया गया है। कानूनविदों का कहना है कि अगर इस शातिर फाइनेंसर पर बैंक धोखाधड़ी और जालसाजी के ये आरोप साबित हो जाते हैं, तो उसे अमेरिकी फेडरल जेल में अधिकतम 30 साल की कठोर सजा काटनी पड़ सकती है। आलीशान हवेली से शुरू हुआ मखीजानी का यह सफर अब जेल की सलाखों के पीछे खत्म होने की कगार पर है।