Pune Godman Arrest: पुणे में गिरफ्तार स्वयंभू बाबा पर कौन-कौन से गंभीर आरोप लगे हैं? पुणे में गिरफ्तार स्वयंभू बाबा पर कौन-कौन से गंभीर आरोप लगे हैं? क्या पुलिस को इस मामले में और पीड़ितों के सामने आने की आशंका है?

आस्था और अंधविश्वास के बीच की महीन रेखा कई बार लोगों को ऐसे जाल में फंसा देती है, जहां से निकलना आसान नहीं होता। महाराष्ट्र के पुणे से सामने आए एक मामले ने इसी चिंता को फिर से उजागर कर दिया है। पुलिस ने एक स्वयंभू बाबा और उसके सात सहयोगियों को एक महिला के कथित यौन शोषण, मानसिक प्रताड़ना और अन्य गंभीर आरोपों के मामले में गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी खुद को आध्यात्मिक गुरु और भगवान का अवतार बताता था। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या इस नेटवर्क का शिकार अन्य लोग भी हुए हैं।

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वर्षों तक महिला को प्रभाव में रखने का आरोप

पुलिस के मुताबिक, आरोपी राधेश्याम मिश्रा उर्फ राधामोहन मिश्रा पुणे के वाघोली इलाके में एक तथाकथित "मॉडर्न गुरुकुल" चलाता था। आरोप है कि महिला वर्ष 2010 के आसपास उसके संपर्क में आई और धीरे-धीरे उसके प्रभाव में आ गई। जांच में सामने आया है कि आरोपी ने महिला को परिवार से दूर कर दिया और उस पर पति से तलाक लेने का दबाव बनाया। आरोप है कि 2010 से 2016 के बीच महिला का यौन और मानसिक शोषण किया गया। साथ ही उसे शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने और डराने-धमकाने के भी आरोप लगाए गए हैं।

कथित ब्लैकमेलिंग और दबाव की जांच

पुलिस का कहना है कि आरोपी ने महिला के कुछ आपत्तिजनक वीडियो रिकॉर्ड किए थे। आरोप है कि बाद में इन्हीं वीडियो का इस्तेमाल उसे डराने और नियंत्रित करने के लिए किया गया। जांच अधिकारियों के अनुसार, आरोपी अपने अनुयायियों को यह विश्वास दिलाने की कोशिश करता था कि उसके पास विशेष आध्यात्मिक शक्तियां हैं। इसी प्रभाव का उपयोग कर लोगों पर दबाव बनाया जाता था।

आश्रम से बरामद हुआ इलेक्ट्रॉनिक सामान

पुलिस ने आश्रम में छापेमारी के दौरान बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य सामग्री बरामद की है। अधिकारियों के अनुसार, एक भूमिगत कमरे से 12 लैपटॉप, 11 मोबाइल फोन, 19 हार्ड ड्राइव, कई पेन ड्राइव और अन्य डिजिटल उपकरण जब्त किए गए हैं। इसके अलावा नकदी और आभूषण भी बरामद हुए हैं। पुलिस अब इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फोरेंसिक जांच कर रही है, ताकि मामले से जुड़े अन्य संभावित सबूतों की पहचान की जा सके।

जांच के दायरे में आ सकते हैं और मामले

पुलिस का मानना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ अन्य पीड़ित भी सामने आ सकते हैं। फिलहाल मुख्य आरोपी समेत कुल आठ लोगों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया है। अदालत ने सभी आरोपियों को न्यायिक प्रक्रिया के तहत हिरासत में भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।