Who is Vibhav Altekar, US Navy Rescue Mission: कौन हैं विभव अल्टेकर? आखिर कैसे एक भारतीय मूल के इंजीनियर की AI ड्रोन बोट ने 2 अमेरिकी पायलटों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई? क्या है Corsair ड्रोन बोट की खासियत? जानिए Saronic Technologies के CTO विभव अल्टेकर के बारे में।
Vibhav Altekar, US Navy Drone Boat: दुनिया भर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ड्रोन तकनीक की चर्चा के बीच एक भारतीय मूल के टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट का नाम अचानक सुर्खियों में आ गया है। वजह है अमेरिकी नौसेना का वह हाई-टेक ड्रोन बोट मिशन, जिसमें पहली बार एक स्वायत्त (Autonomous) सतही पोत का इस्तेमाल कर समुद्र में फंसे दो सैन्य पायलटों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। यह ड्रोन बोट ‘कॉर्सेयर’ (Corsair) है, जिसे टेक्सास स्थित Saronic Technologies ने विकसित किया है। इस कंपनी के को-फाउंडर में भारतीय मूल के इंजीनियर विभव अल्टेकर (Vibhav Altekar) भी शामिल हैं। अल्टेकर कंपनी में चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर (CTO) की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं और इसकी AI आधारित स्वायत्त तकनीक के प्रमुख वास्तुकार माने जाते हैं।

क्या है Corsair ड्रोन बोट की खासियत?
24 फीट लंबी कॉर्सेयर ड्रोन बोट डीजल ईंधन से चलती है और 35 नॉट्स तक की रफ्तार पकड़ सकती है। इसकी ऑपरेशनल रेंज 1,000 नॉटिकल मील से अधिक बताई जाती है। यह करीब 1,000 पाउंड तक का भार ले जा सकती है और AI तकनीक की मदद से समुद्र में कई तरह के मिशन पूरे कर सकती है। अमेरिकी नौसेना की Task Force 59 के तहत इसका इस्तेमाल किया जा रहा है। यह यूनिट AI आधारित ड्रोन और अनमैन्ड सिस्टम्स पर काम करती है।
Who is Vibhav Altekar: कौन हैं विभव अल्टेकर?
विभव अल्टेकर ने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है और वे लंबे समय से रक्षा तकनीक तथा स्वायत्त प्रणालियों (Autonomous Systems) के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। Saronic Technologies की वेबसाइट के मुताबिक, वे कंपनी के ऑटोनॉमस सिस्टम्स, सॉफ्टवेयर आर्किटेक्चर और एडवांस्ड इंजीनियरिंग प्रोग्राम्स का नेतृत्व करते हैं। उनकी टीम मशीन लर्निंग, नेविगेशन, परसेप्शन, कमांड एंड कंट्रोल और सिस्टम इंटीग्रेशन जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों में काम करती है। इससे पहले अल्टेकर रक्षा तकनीक कंपनी Anduril में शुरुआती इंजीनियरों में शामिल रहे थे, जहां उन्होंने कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स का नेतृत्व किया। इनमें ऑस्ट्रेलियाई नौसेना के लिए विकसित Ghost Shark ड्रोन सबमरीन प्रोग्राम भी शामिल है।
क्यों महत्वपूर्ण है विभव अल्टेकर की यह उपलब्धि?
AI और रक्षा तकनीक आने वाले समय में युद्ध और सुरक्षा व्यवस्था की तस्वीर बदलने वाले हैं। ऐसे दौर में भारतीय मूल के इंजीनियरों का वैश्विक स्तर पर नेतृत्वकारी भूमिका में पहुंचना भारत के लिए भी गर्व की बात है। विभव अल्टेकर (Vibhav Altekar) की कहानी बताती है कि भारतीय प्रतिभाएं केवल दुनिया की बड़ी टेक कंपनियों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि भविष्य की सैन्य और रणनीतिक तकनीकों को भी आकार दे रही हैं।


