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Hockey को संवारने में जुटी है सरकार, पिछले 5 सालों में खर्च किए 65 करोड़

केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर (Anurag Thakur) ने कहा है पिछले 5 वर्षों में भारतीय पुरुष हॉकी टीम पर 65 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए हैं। यह पैसा कोचिंग कैंपों, विदेशी प्रतियोगिताओं, घरेलू प्रतियोगिताओं आदि पर खर्च किया गया है।

Sports minister Anurag thakur says, Government is engaged in growing hockey, spend 65 crore in the last 5 years-mjs
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New Delhi, First Published Dec 3, 2021, 9:02 PM IST
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स्पोर्ट्स डेस्क: केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर (Anurag Thakur) ने कहा है, "सरकार ने खेल से संबंधित 20 बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर 103.98 करोड़ रुपये मंजूर करने के अलावा पिछले पांच वर्षों में भारतीय पुरुष हॉकी टीम पर 65 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए हैं। यह पैसा कोचिंग कैंपों, विदेशी प्रतियोगिताओं, घरेलू प्रतियोगिताओं आदि पर खर्च किया गया है।" 

राज्यसभा में अनुराग ठाकुर ने एक लिखित जवाब में कहा, "2016-17 से 2020-21 तक अर्थात बीते पांच वर्षों के दौरान सीनियर हॉकी पुरुष टीम पर 45.05 करोड़ रुपये और जूनियर हॉकी पुरुष टीम पर 20.23 करोड़ रुपये कोचिंग कैंप, विदेशी प्रतियोगिताओं, घरेलू प्रतियोगिताओं, कोचों के वेतन, उपकरण आदि पर खर्च किए गए हैं। इसके अलावा, 2016-17 से खेलो इंडिया (Khelo India) योजना के तहत हॉकी के लिए 103.98 करोड़ रुपये की 20 बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है।" 

टोक्यो ओलंपिक में भारतीय टीम ने जीता था कांस्य पदक: 

सरकार द्वारा हॉकी पर पैसा खर्च करने पर इसके सकारात्मक परिणाम भी सामने आ रहे हैं। भारतीय हॉकी टीम (Indian Hockey Team) ने टोक्यो ओलंपिक 2020 (Tokyo Olympic) में कांस्य पदक जीता था। तीसरे स्थान के लिए हुए मैच में भारत ने जर्मनी को 5-4 से हराया था। यह एक ऐतिहासिक जीत थी, क्योंकि भारतीय हॉकी टीम ने 41 साल के अंतराल के बाद ओलंपिक में पदक जीता था।

821 खिलाड़ियों को दी जा रही है पेंशन: 

अनुराग ठाकुर ने कहा कि उनका मंत्रालय "मेधावी खिलाड़ियों को पेंशन के लिए खेल कोष' योजना के तहत सेवानिवृत्ति के बाद 821 खिलाड़ियों को आजीविका के लिए मासिक पेंशन के रूप में सहायता कर रहा है। इस योजना के तहत, ऐसे खिलाड़ी जो भारतीय नागरिक हैं और जिन्होंने ओलंपिक खेलों, राष्ट्रमंडल खेलों, एशियाई खेलों और विश्व कप/विश्व चैम्पियनशिप (ओलंपिक और एशियाई खेलों में) और पैरालंपिक खेलों में पदक जीते हैं, उन्हें 30 वर्ष की आयु के बाद या सक्रिय खेलों से सेवानिवृत्त होने के बाद 12,000 से 20,000 रुपये तक आजीवन मासिक पेंशन दी जाती है।" 

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