सोमवार यानी आज सोमवती अमावस्या और मंगलवार, एक फरवरी को मौनी अमावस्या का स्नान पर्व है। हरकी पैड़ी समेत किसी भी गंगा घाट पर स्नान के लिए पाबंदी न होने से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है। 

हरिद्वार : मौनी अमावस्या (Mauni Amavasya) पर हरिद्वार (Haridwar) समेत गंगा घाटों पर श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगा सकेंगे। प्रशासन ने इस बार किसी भी तरह की कोई भी पाबंदी नहीं लगाई है। सोमवार यानी आज सोमवती अमावस्या और मंगलवार, एक फरवरी को मौनी अमावस्या का स्नान पर्व है। हरकी पैड़ी समेत किसी भी गंगा घाट पर स्नान के लिए पाबंदी न होने से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है। हालांकि सोमवती अमावस्या उदया में नहीं आ रही है। ऐेसे में स्नान को लेकर दोपहर बाद ही श्रद्धालुओं के हरिद्वार आने की संभावना है।

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कोविड प्रोटोकॉल का पालन
कोरोना की स्थिति को देखते हुए बॉर्डर पर चेकिंग चलती रहेगी। बॉर्डर पर दोनों डोज का सर्टिफिकेट दिखाने या 72 घंटे पहले की कोरोना निगेटिव रिपोर्ट दिखाने के बाद ही एंट्री मिलेगी। सोमवती अमावस्या पर स्नान करने के लिए वाले श्रद्धालुओं से मास्क लगाने और फिजिकल डिस्टेंस का पालन करने की अपील गंगा घाटों पर तैनात पुलिसकर्मी कर रहे हैं। इसके साथ ही कोरोना गाइडलाइन का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ चालानी कार्रवाई भी की जाएगी।

मकर संक्रांति पर थी पाबंदी
बता दें कि मकर संक्रांति पर हरकी पैड़ी समेत प्रमुख गंगा घाटों को सील कर दिया गया था। स्थानीय लोगों को कुछ ही घाटों पर डुबकी लगाने की छूट दी गई थी। इस बार जिला और पुलिस प्रशासन ने ऐसी कोई पाबंदी नहीं लगाई है। सोमवार को सोमवती अमावस्या के अवसर पर धर्मनगरी में श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाएंगे। अमावस्या ढाई बजे के बाद शुरू होगी। ऐसे में सुबह के समय भीड़ कम होने रहने की उम्मीद है। वहीं मौनी अमावस्या के अवसर पर भी एक फरवरी को स्नान होगा। जिसके चलते दोनों दिन श्रद्धालुओं की अच्छी खासी भीड़ उमड़ने की संभावना है। वाहनों की पार्किंग पंत दीप पार्किंग, पंडित दीनदयाल उपाध्याय पार्किंग व गड्ढा पार्किंग में होगी। इस बार बॉर्डर पर कोई सख्ती भी नहीं बरती गई है। वहीं हरकी पैड़ी क्षेत्र में भी कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया है।

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