पंजाब में शनिवार को भगवंत मान सरकार का शपथ ग्रहण हुआ। जिसमें 10 मंत्रियों ने मंत्री पद की शपथ ली।  इसी बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। जहां भगवंत मान की कैबिनेट विस्तार होने से पहले ही मान सरकार में बगावत सुर दिखाई दिए हैं।

चंडीगढ़. पंजाब में शनिवार को भगवंत मान (cm bhagwant mann) सरकार का शपथ ग्रहण हुआ। जिसमें 10 मंत्रियों ने मंत्री पद की शपथ ली। इनमें से 8 मंत्री तो ऐसे बनाए गए हैं जो पहली बार ही विधायक चुनकर आए हैं। लेकिन इसी बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। जहां भगवंत मान की कैबिनेट विस्तार होने से पहले ही मान सरकार में बगावत सुर दिखाई दिए। इस मंत्रीमंडल में शामिल नहीं होने से आप विधायक प्रो. बलजिंदर कौर (mla baljinder kaur) ने अपना गुस्सा और दर्द बयां किया है।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

आप विधायक ने फेसबुक पर बयां किया अपना दर्द
दरअसल, प्रो. बलजिंदर कौर मंत्री नहीं बनाए जाने से नराज हैं। क्योंकि इस मंत्रीमंडल में कई ऐसे विधायक हैं जो पहली बार में ही विधायक बनाए गए हैं। जबिक वह लगातार दो बार से तलवंडी साबो से विधायक बनी हैं। उन्होंने फेसबुक पर एक पोस्ट किया है जिसमें उनका दर्द साफ नजर आ रहा है। इस पोस्ट की हिंदी में दो पंक्तियां हैं जिनका बहुत गहरा अर्थ है। ''जहां हमें अपनो के सामने अपनी सच्चाई साबित करनी पड़े, वहां हम बुरे ही ठीक है।''

यह भी पढ़ें-पंजाब सरकार के मंत्रियों ने ली शपथ: हरपाल चीमा ने पहले तो बलजीत कौर ने दूसरे नंबर पर ली शपथ..ये रही प्रोफाइल

आप में सामने आने लगी अंदरुनी कलह
बता दें कि पंजाब के मंत्री पद मिलने के लेकर जो दावेदार माने जाने वाले थे विधायक अमन अरोड़ा, सर्वजीत कौर माणुके और प्रो. बलजिंदर कौर का नाम संभावित थे। लेकिन इन तीनों की ही मंत्री नहीं बनाया गया है। अब चर्चा शुरू हो गई है कि आखिर इन्हें मंत्री क्यों नहीं बनाया। जिसको लेकर अब आम आदमी पार्टी में अंदरुनी कलह की बातें सामने आने लगी हैं। हालांकि अभी तक तीनों का कोई बयान सामने नहीं आया है। बता दें कि यह तीनों वही हैं जिनका आप ने टिकट वितरण में देरी की तो इन्होंने पार्टी छोड़ने की तैयारी तक कर ली थी।

जानकारों का कहना बगावत से कोई फर्क नहीं पड़ेगा
प्रो. ने इन लाइनों के माध्यम से अपनी बात रखी है। हालांकि इस बार क्योंकि जिस तरह से आम आदमी पार्टी को बहुमत मिला है,इससे एक दो विधायक के नाराज होने से ज्यादा फर्क नहीं पड़ने वाला है। लेकिन जानकारों का कहना है कि इससे किसी ने किसी स्तर पर सीएम के पद पर बैठे भगवंत मान की नेतृत्व कुशलता पर सवाल जरूर उठ रहे हैं। 

यह भी पढ़ें-भगवंत मान सरकार के 10 मंत्रियों से मिलिए: डॉक्टर-इंजीनियर से लेकर किसान तक, कोई 3 महीने पहले राजनीति में आया

10 मंत्रियों में से सिर्फ दो विधायक दूसरी बार जीते 
इस बार आप को जिस तरह से बहुमत मिला है, इससे मतदाताओं को काफी उम्मीद है। पार्टी पर दबाव है कि इस उम्मीद पर खरे कैसे उतरना है। इसलिए मंत्रीमंडल पर यदि पार्टी के विधायक ही सवाल उठाएंगे तो आप को आने वाले समय में दिक्कत आ सकती है। मान ने अपने मंत्रीमंडल के लिए 10 मंत्रियों में से सिर्फ दो विधायक दूसरी बार जीते हैं। आज शपथ लेने वाले मंत्रियों की सूची में दिर्बा के विधायक हरपाल सिंह चीमा, जो पिछले मंत्रालय में विपक्ष के नेता थे, गुरमीत सिंह मीत हेयर बरनाला से दूसरी बार चुने गए है। 

मान कैबिनेट में एक महिला को बनाया गया मंत्री
कैबिनेट में सिर्फ एक महिला को शामिल किया जा रहा है। चार अनुसूचित जाति मंत्रियों की नियुक्ति की जा रही है। इनमें दिर्बा से हरपाल सिंह चीमा, मलौत से बलजीत कौर, जंडियाला से हरभजन सिंह ईटीओ और बोआ से लालचंद शामिल हैं। बरनाला से गुरमीत सिंह हेयर को भी मंत्री बनाया जा रहा है। वह केजरीवाल के करीबी माने जाते हैं। अजनाला से कुलदीप सिंह धालीवाल, पट्टी से लालजीत सिंह भुल्लर, होशियारपुर से ब्रह्मशंकर जिम्पा, मानसा से डॉ. विजय सिंगला और आनंदपुर साहिब से हरजोत सिंह बैंस को भी कैबिनेट में शामिल किया गया है।

यह भी पढ़ें-कौन हैं कुलतार सिंह संधवां जो पंजाब विधान सभा के स्पीकर होंगे, जिन पर केजरीवाल ने जताया अटूट विश्वास