राजस्थान के जयपुर एसीबी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अजमेर एसओजी की एडिशनल एसपी दिव्या मित्तल को गिरफ्तार कर लिया है। महिला अफसर पर ड्रग्स कारोबारी से दो करोड़ की रिश्वत लेने का आरोप लगा है। दिव्या को तीन की रिमांड पर लिया गया है।

अजमेर (राजस्थान). ड्रग कारोबारी से दो की रिश्वत मांगने की आरोपी एएसपी दिव्या मित्तल भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की कस्टडी में है । सोमवार को उन्हें गिरफ्तार किया गया था और उसके बाद कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया गया। लेकिन दिव्या मित्तल के लिए रिश्वत मांगने वाला बर्खास्त सिपाही सुमित अभी भी फरार है । उसकी तलाश नहीं की जा सकी है । 

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अपना मोबाइल भी दिव्या ने झील में फेंक दिया
इस पूरे घटनाक्रम के बीच एक बड़ी चौकाने वाली खबर सामने आई है कि रविवार को दिव्या मित्तल अपने अजमेर जिले के जयपुर रोड पर स्थित आलीशान फ्लैट से अपनी गाड़ी लेकर निकली थी और अजमेर के ही ब्यावर क्षेत्र की तरफ जा रही थी । इस दौरान ब्यावर से पहले अजमेर की प्रसिद्ध आनासागर झील के नजदीक दिव्या ने अपनी कार रोकी थी और उसके बाद झील में करीब 5 से 6 मिठाई के डिब्बे, एक छोटा बैग और दो बड़े बैग फेंके थे । साथ ही अपना मोबाइल भी दिव्या ने झील में फेंक दिया था।

बैगों में क्या चीज छुपाई गई थी, जो महिला अफसर ने फेंक दिए
 जब तक यह सब कुछ सामान झील में डूब नहीं गया वह वहीं खड़ी रही और उसके बाद वहां से चली गई । सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या उन बैग में और मिठाई के उन डिब्बों में रुपए थे या ऐसे दस्तावेज थे जो दिव्या मित्तल किसी के सामने नहीं लाना चाहती थी । उन बैग में क्या था और उन बैगों में क्या चीज छुपाई गई थी इसकी जानकारी के लिए अब एसीबी की टीम जयपुर से अजमेर रवाना हो गई है।

 हर सवाल पर चुप्पी साध कर बैठी है महिला अफसर
 उधर अजमेर पुलिस की मदद से आनासागर झील में गोताखोर उतारे जा रहे हैं ,ताकि झील में फेंका गया सारा सामान बरामद करने की कोशिश की जा सके। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम 2 दिन से दिव्या मित्तल से यही पूछ रही है कि उन्होंने झील में क्या सामान फेंका था, लेकिन दिव्या मित्तल ने इस बारे में कोई जवाब नहीं दिया है। वह लगभग हर सवाल पर चुप्पी साध कर बैठी हुई है ।

राजस्थान का यह रिश्वत कांड अब तक का सबसे बड़ा
उल्लेखनीय है कि राजस्थान का यह रिश्वत कांड अब तक का सबसे बड़ा रिश्वत कांड माना जा रहा है । दिव्या मित्तल का कहना है कि यह सब पैसा ऊपर तक जाता है। अब ब्यूरोक्रेसी में सबसे बड़ा सवाल यह है कि एएसपी दिव्या किन लोगों के नाम लेना चाह रही थी और क्या वे नाम कभी सामने आएंगे भी या नहीं.......।