राजस्थान में सेकंड ग्रेड अध्यापकों की भर्ती में लीक हुए पेपर के मामले में अब चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। वहीं सरकार ने आदेश जारी किया है कि जो लोग इसमें शामिल थे अब वो पूरी जिंदगी में कभी भी सरकारी परीक्षा नहीं दे सकेंगे। ऐसे लोगों को चिन्हित कर लिया गया है। 

उदयपुर. राजस्थान ने नकल में रिकॉर्ड तोड़ दिए । उदयपुर का जो मामला सामने आया वह बेहद चौंकाने वाला रहा । ₹100000 किराए पर बस ली गई जिसमें जीपीएस लगा हुआ था । नकल कराने वाली गैंग को लगा कि जीपीएस से सिर्फ वे ही बस को मॉनिटर कर सकते हैं लेकिन जीपीएस की सूचना पुलिस तक भी पहुंची और उसके बाद पुलिस ने पूरा जाल बिछा लिया। इस मामले में पकड़े गए 35 से ज्यादा छात्रों को पहली बार सरकार ने डी बार किया है, यानी अब अपने जीवन में कभी भी किसी भी तरह के सरकारी एग्जाम में नहीं बैठ पाएंगे और सरकारी नौकरी के सपने अब उनको सपने में भी नहीं आएंगे। इस पूरे घटनाक्रम में अभी तीन और मास्टरमाइंड फरार हैं । उनकी गिरफ्तारी के लिए उदयपुर पुलिस हर संभव प्रयास कर रही है। पेपर लीक गिरोह का मास्टरमाइंड सुरेश ढाका है। जिसकी पहुंच राजस्थान के कई मंत्रियों तक है।

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बस में लाउडस्पीकर के जरिए टीचर हल करवा रहे थे पेपर
सुरेश ढाका राजस्थान के कुछ मंत्रियों के सोशल मीडिया हैंडल भी संभालता है। यही नहीं अब तक की पुलिस इन्वेस्टिगेशन में सामने आया है कि पेपर परीक्षा के 1 दिन पहले नहीं बल्कि 15 दिनों में लीक हो चुका था। उदयपुर से हिरासत में लिए अभ्यर्थियों से पूछताछ में सामने आया कि। बस में उन्हें एक के बाद एक सवाल हल करवाया जा रहा था। सबको अच्छे से आवाज आई इसको लिए एक लाउडस्पीकर भी लगवाया हुआ था। साथ ही बस को सपोर्ट करने के लिए एक कार भी चल रही थी। सबसे पहले पुलिस ने मामले में इस कार को ही पकड़ा था। वही बस में बैठे इन अभ्यर्थियों से जो पेपर मिला। उससे करीब 80 फ़ीसदी सवाल मेन पेपर से मिले हुए हैं। 

एक दिन पहले सभी स्टूडेंट्स को होटल में रुकवाया गया
गिरोह ने 23 दिसंबर की दोपहर को ही सभी अभ्यर्थियों को उदयपुर बुला लिया। यहां पर सभी अभ्यर्थी अपने अपने स्तर पर एक होटल में रुके। इसके बाद शाम को आरोपी सुरेश ने सभी को सुखेर इलाके में बुलाकर वहां उन्हें एक बस में दिखाया। बस केवल उदयपुर ही नहीं वहां से सिरोही गई। पुलिस ने एक रेस्टोरेंट पर रुकने के दौरान बस में बैठे लोगों की संख्या निश्चित की। पुलिस लगातार बस का पीछा कर रही थी। नाकाबंदी में बस को रुकवाया गया तो आरोपी सुरेश ने सारे राज खोल दिए। अब तक की इन्वेस्टिगेशन में सामने आया है कि इस गिरोह ने अब तक इसी तरह के से कई एग्जाम में पेपर लेकर कई अभ्यर्थियों को नौकरी लगवा दी है। अब पूरी पूछताछ होने पर ही राजस्थान के सबसे बड़े घोटाले या पेपर लीक मामले में कुछ हो पाएगा।