फतेहपुर इलाके के रहने वाले जगदीश पोद्दार ने बताया कि 2016 में उन्होंने त्रिलोक सिंह मास्टर से 7 लाख ब्याज पर लिए। लेकिन आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण पैसे नहीं चुका सके। ऐसे में त्रिलोक मास्टर और उसका बेटा जयप्रकाश उनके घर पर आया। जगदीश से कहा कि उन्हें हर महीने डेढ़ लाख रुपए देने होंगे।

सीकर. राजस्थान के सीकर जिले के फतेहपुर इलाके में सूदखोरी का बड़ा मामला सामने आया है। सूदखोरों ने राशन की दुकान चलाने वाले एक व्यक्ति से 7 लाख के बदले 95 लाख रुपए वसूल लिये। अब पीड़ित परिवार को जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। पीड़ित ने एसपी ऑफिस में परिवाद देकर फतेहपुर कोतवाली थाने में मामला दर्ज करवाया है।दरअसल, फतेहपुर इलाके के रहने वाले जगदीश पोद्दार ने बताया कि 2016 में उन्होंने त्रिलोक सिंह मास्टर से 7 लाख ब्याज पर लिए। लेकिन आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण पैसे नहीं चुका सके। ऐसे में त्रिलोक मास्टर और उसका बेटा जयप्रकाश उनके घर पर आया। जगदीश से कहा कि उन्हें हर महीने डेढ़ लाख रुपए देने होंगे।

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इसके बाद दोनों ने जगदीश व उसकी पत्नी से बैंक चैक और स्टाम्प पर साइन करवा लिए। इसके बाद हर महीने सूदखोरी करने लगे। जनवरी 2020 में जगदीश ने अपनी एक दुकान राहुल जैन को बेची। जिसका पता त्रिलोक और उसके बेटे जयप्रकाश को लग गया। दोनों बाप बेटे ने डरा धमका कर 8 लाख रुपए ले लिए। इसके बाद भी स्टांप और चेक वापस नहीं दिए। फरवरी 2022 में जगदीश ने दोनों को 5 लाख रुपए दिए। जिसके बाद त्रिलोक मास्टर के बेटे ने कहा कि घर आकर चेक और स्टांप ले जाना। लेकिन जब जगदीश घर गया तो उन्होंने चेक और स्टाफ देने से मना कर दिया।

जगदीश ने बताया कि त्रिलोक के घर पर पिछले करीब 6 साल से जगदीश की दुकान से राशन का सामान जा रहा है। जिसके 14.5 लाख रुपए हो चुके हैं। लेकिन त्रिलोक ने 1 रुपए भी उन्हें नहीं दिया है। दोनों बाप -बेटे जगदीश से सात लाख के बदले अब तक 90-95 लाख रुपए ले चुके हैं। लेकिन अब भी धमकी दे रहे हैं कि पैसे बकाया है। जगदीश ने बताया कि त्रिलोक ने उसे धमकी दी कि उसका बड़ा बेटा बीकानेर पुलिस में अधिकारी है ऐसे में वह जगदीश को झूठे मुकदमे में फंसा देगा। जगदीश ने बताया कि इन धमकियों के कारण उनके परिवार में डर का माहौल है और अब त्रिलोक और उसका बेटा जयप्रकाश पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। 

पुलिस ने नहीं की सुनवाई
जगदीश ने बताया कि 5 से 7 दिन पहले वह रिपोर्ट दर्ज करवाने कोतवाली में गया लेकिन वहां कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने फतेहपुर डीवाईएसपी से भी मुलाकात की जिन्होंने कोतवाली जाने की बात कही। लेकिन वहां भी कोई सुनवाई नहीं हुई। जिसके बाद उन्होंने एसपी ऑफिस में परिवाद दिया है। फिलहाल जगदीश की रिपोर्ट पर फतेहपुर कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी।

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