राजस्थान में भारत जोड़ो यात्रा का कल अंतिम दिन था। 15 दिन के बाद अब यात्रा हरियाणा में प्रवेश कर चुकी है। प्रदेश में यात्रा पूरी होने के बाद इसके कई सियासी मायने निकलने लगे है। माना जा रहा है कि इसकी वजह से कांग्रेस को प्रदेश में अच्छी बढ़त मिलेगी।

जयपुर (jaipur). राजस्थान में भारत जोड़ो यात्रा (bharat jodo yatra) का सफर समाप्त हो चुका है, आज यात्रा हरियाणा में प्रवेश कर चुकी है। 5 दिसंबर को यात्रा ने झालावाड़ के झालरापाटन से प्रवेश किया था। इसके बाद कोटा बूंदी दौसा अलवर में राहुल गांधी की इस यात्रा ने करीब 485 किलोमीटर का सफर तय किया है। यात्रा में राहुल गांधी ने करीब 5 जिलों की 20 विधानसभा सीटों के क्षेत्रों का सफर तय किया है। इस यात्रा में राजस्थान के लोगों का उत्साह इतना ज्यादा रहा कि सुबह से ही यात्रा में हजारों की संख्या में लोग पहुंच जाते। जो पूरे दिन राहुल गांधी के साथ चलते। (rajasthan news)

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इस यात्रा के बाद कांग्रेस को मिल सकती है बढ़त
अब यात्रा पूरी होने के बाद इस यात्रा के कई सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। माना जा रहा है कि इस यात्रा से कांग्रेस को राजस्थान में अच्छी बढ़त मिलेगी। पहले तीन महीनों में जहां कांग्रेस के नेताओं में आपसी खींचतान दिखी थी। इस यात्रा में ऐसा कोई भी बयान सामने नही आया। राजनीतिक जानकारों की माने तो पार्टी आलाकमान ने यात्रा से पहले ही निर्देश दे दिया था कि यदि यात्रा के बीच कोई भी बयानबाजी हुई तो आलाकमान उसे छोड़ेगा नहीं। सभी नेताओं ने इस बात का पूरा ध्यान रखा और राजस्थान में बिना किसी बयानबाजी के यह यात्रा सफल रही।

यात्रा के जो मोटिव थे, राहुल गांधी ने पूरे किए
कांग्रेस की इस भारत जोड़ो यात्रा का मतलब था कि कांग्रेस के नेता राहुल गांधी ग्राउंड पर जाकर लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याएं जाने। हालांकि राहुल गांधी किससे मिलेंगे और क्या बात करेंगे यह सब पहले से प्लांड रहता था लेकिन एक आंकड़े के मुताबिक राजस्थान में राहुल गांधी ने करीब 15 हजार के करीब आम आदमियों से बात की है। इतना ही नहीं यात्रा के आखिरी दिन 20 दिसंबर को तो राहुल गांधी हर एक आम आदमी और कार्यकर्ता से भी मिले। इसका लोगों पर गहरा असर पड़ा। पार्टी के प्रति लोगों का जुड़ाव ज्यादा होगा।

नेताओं और विधायकों को अपने क्षेत्र में यात्रा की नसीहत दी
वही अब राहुल गांधी ने इस यात्रा के बाद विधायकों और नेताओं को अपने क्षेत्र में ऐसी ही 15 किलोमीटर की यात्रा करने की हिदायत दी है। अब कांग्रेस इस पर भी जल्द ही वक्र शुरू करने वाली है। बताया जा रहा है कि 26 जनवरी तक पीसीसी ऑफिस में इसकी तैयारियां पूरी कर दी जाएगी। सभी विधायकों को बता दिया जाएगा कि उन्हें अपने इलाके में किस तरीके से लोगों को लेकर यह यात्रा करनी है। नतीजा यह निकलेगा कि राहुल गांधी की तरह जब पार्टी का हर नेता ग्राउंड में चुनाव प्रचार से पहले ही उतर जाएगा तो कई महीनों में पार्टी को अच्छी बढ़त मिलेगी।

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