जयपुर के जगतपुरा में स्थित गोदाम में कई कंपनियों के आईएसआई मार्का के छह हजार से ज्यादा हैलमेट थे। भीषण आग लगने से एक भी नहीं बचा। गोडाउन में छह घंटे लगी रही आग। मालिक की आंखों के सामने ही जल गया करोड़ों का माल।

जयपुर (jaipur).राजस्थान की राजधानी जयपुर से बड़ी खबर है। सोमवार 4 जुलाई को देर रात एक बजे लगी आग से करीब तीन करोड़ रुपयों का नुकसान होना सामने आया है। हैलमेट रखने वाले एक गोदाम में लगी आग से करीब छह हजार से ज्यादा की संख्या में करोड़ों के हैलमेट जलकर राख हो गए। कारोबारी की आंखों के सामने ही उसका वेयर हाउस जलकर राख बन गया, लेकिन वह कुछ नहीं कर सका। छह घंटे में पूरे जयपुर से पहुंची दमकलों ने कई फेरे लिए तब जाकर आग को काबू किया जा सका। आग लगने के बाद राख मे एक भी हैलमेट सीबुत हालत में नहीं बचा। आग जयपुर के जगतपुरा स्थित वेयरहाउस में देर रात एक बजे लगी थी और मंगलवार की सुबह सात बजे तक काबू की गई थी। 

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कई कंपनियों का माल रखा था वेयर हाउस में, छह हजार से भी ज्यादा हैलमेट थे
रामनगरिया थाना क्षेत्र में स्थित जगतपुरा क्षेत्र में बने इस वेयर हाउस के मालिक सुदामा गुप्ता हैं। अंजलि ट्रेडिंग कंपनी के नाम से कारोबार करने वाले सुदामा ने बताया कि पूरे राजस्थान की डीलरश्शिप है। शायह ही कोई बड़ी कंपनी हो जिसका माल नहीं रखा हो। पांच सौ रुपए से लेकर हजारों रुपयों तक के हैलमेट रखे थे, जिनकी संख्या हजारों में थी। सब जलकर राख हो गए। सारा माल आईएसआई मार्का का था, और नब्बे प्रतिशत से ज्यादा माल बॉक्स में पैक था। रात करीब एक बजे यह आग लगी थी। 

स्टूडेंट ने चिमनी से आग देखी, चाय वाले को बताया, फिर पुलिस आई
पुलिस ने बताया कि पास ही किराये का कमरा लेकर पढ़ने वाले एक स्टूडेंट ने रात करीब एक बजे वेयरहाउस में लगी चिमनी से निकल रही आग देखी थीं। वह भागता हुआ यहां पहुंचा और पास ही चाय की दुकान करने वाले दुकानदार को इसकी सूचना दी। उसने पुलिस बुलाई। मौके पर पहुंची पुलिस ने दमकलें बुलाना शुरु किया। जगतपुरा, मालवीय नगर, मानसरोवर और शहर तक से फायर ब्रिगेड आ पहुंची। बारह से ज्यादा दमकलों में से हर ने छह से सात फेरे लिए और लगातार पानी की बौछारें करती रहीं। तब जाकर आग काबू की जा सकी। फायर डिपार्टमेंट के कर्मचारियों ने बताया कि वेयर हाउस में लगे शटर में करंट दौड़ रहा था। दो कार्मिकों को झटके लगे। शटर नहीं खुला तो बिजली वालों को सूचना दी। लेकिन वे नहीं पहुंचे। इस बीच आग बढ़ती रही। बाद में खिड़कियों को तोड़कर दमकलकर्मी अंदर घुसे। तब तक आग ने पूरे माल को राख में बदल दिया था। वहीं हादसे में हुए नुकसान से परेशान सुदामा गुप्ता ने बताया कि कई जगहों पर माल भेजा जाना था, कईयों का ऑर्डर बकाया चल रहा था। सब नष्ट हो गया वह भी आखों के सामने....।

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