राजस्थान की राजधानी जयपुर में टूरिज्म बढ़ाने के लिए यहां सरकार आए दिन लोगों को नई सुविधाए प्रदान कर रही है। यहां के गढ़ गणेश पर भी रोप वे बनाने का कार्य शुरू कर दिया गया है। अब 3 मिनट में भक्त पहाड़ी की चोटी पर पहुंच पाएंगे।

जयपुर (jaipur). राजधानी जयपुर में अब दूसरा रोपवे बनने जा रहा है। यह राजधानी जयपुर के गढ़ गणेश मंदिर पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बनाया जा रहा है। इस रूप में के बनने के बाद श्रद्धालु जमीन से मंदिर तक करीब 3 मिनट में ही पहुंच जाएंगे। ऐसे में श्रद्धालुओं को 365 सीढ़ियों की चढ़ाई भी नहीं करनी होगी। दरअसल राजधानी जयपुर में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ऐसा किया जा रहा है।

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भक्तों को खड़ी सीढ़ियों से मिलेगा छुटकारा
इसके लिए वन विभाग की सैद्धांतिक स्वीकृति मिल चुकी है। अब फॉरेस्ट की जमीन का डायवर्सन प्रमाण पत्र भी मिल चुका है। यह रोपवे नहर के गणेश जी से गढ़ गणेश जी तक करीब 2.9 किलोमीटर का होगा। लेकिन यहां खड़ी सीढियां होने के चलते बच्चे और बुजुर्ग तो इसमें ऊपर दर्शन करने के लिए जा ही नहीं पाते हैं। लेकिन अब इस रोपवे में 6 ट्रॉलियों का सेटअप लगेगा और हर एक ट्रॉली में कुल 6 सवारी होगी। जो नहर के गणेश जी से गढ़ गणेश जी तक 3 मिनट में ही पहुंचा देगी। इस रोपवे का स्टैंड गैटोर की छतरियां होगी। रोप वे सुविधा पर्यटन के साथ साथ आर्थिक विकास को भी गति देघा। भक्त जहां दर्शन की आशा लेकर आते थे वह सीढ़ियों के चलते ऊपर नहीं जा पाते थे, अब आसानी से दर्शन कर पाएंगे। 

पहले भी दो मंदिरों में चालू हो चुकी है रोप वे सुविधा
एक अंदाज के मुताबिक हर घंटे इस रोपवे में हर घंटे करीब 500 यात्री सफर कर सकेंगे। यह जमीन से करीब 85 मीटर ऊपर होगा। गौरतलब है कि इसके पहले राजधानी जयपुर के ही जो चौमू सामोद बालाजी मंदिर और खोले के हनुमान जी मंदिर में रोपवे शुरू हो चुका है। वही राजस्थान में सबसे पुराना रोपवे उदयपुर में है।

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