राजस्थान के जयपुर शहर में रिश्वत पकड़ने के मामले में अरेस्ट हुई आरपीएस अधिकारी पर एक्शन लेते हुए सस्पेंड कर दिया। घूस लेने के मामले में 2 दिन पहले गिरफ्तारी हुई थी, अब सरकार ने एक्शन लेते हुए सस्पेंड कर दिया है।

जयपुर (jaipur). 2 करोड की रिश्वत मांगने वाली आरपीएस अधिकारी दिव्या मित्तल को सरकार ने निलंबित कर दिया है। दिव्या मित्तल ने हरिद्वार के एक कारोबारी को डरा धमका कर उससे 2 करोड रुपए की रिश्वत लेने की कोशिश की थी। बाद में 50 लाख में सौदा तय हुआ था, लेकिन कारोबारी ने इस बारे में भ्रष्टाचार (rajasthan crime news) निरोधक ब्यूरो के अफसरों को जानकारी दी और उसके बाद अफसरों ने ट्रैप प्लान किया। 

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NCB के ट्रैप की जानकारी हुई लीक
लेकिन ट्रैप की जानकारी लीक हो गई और पैसे लेने आने वाला व्यक्ति फरार हो गया। दरअसल दिव्या मित्तल ने बर्खास्त सिपाही सुमित की मदद से 50 लाख मांगे थे, लेकिन सुमित को टेप के बारे में जानकारी मिल गई थी और वह फरार हो गया। इस पूरे घटनाक्रम के बाद दिव्या मित्तल को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसे 3 दिन के रिमांड पर लिया गया है। रिमांड अवधि पूरी होने के बाद उसे कल अजमेर में कोर्ट में पेश करने की तैयारी की जा रही है। इस बीच आज शाम गृह विभाग ने दिव्या मित्तल के निलंबन आदेश जारी कर दिए। विभाग के संयुक्त शासन सचिव जगबीर सिंह ने यह निलंबन आदेश जारी किए हैं।

उल्लेखनीय है कि दिव्या मित्तल एसओजी अजमेर में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के पद पर तैनात थी । वह करीब 6 से 7 साल उदयपुर में रही। इस दौरान आबकारी विभाग में भी तैनात रही। दिव्या के जयपुर, झुंझुनू ,उदयपुर समेत कई जिलों में एसीबी की टीम ने सर्च की है। इन सर्च के दौरान एसीबी को काफी सारे सबूत मिले हैं। उधर अजमेर की आनासागर झील में भी कुछ सबूत सर्च किए जा रहे हैं। यह सबूत दिव्या मित्तल ने रविवार रात को फेंके थे।

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