जोधपुर में महालक्ष्मी मेटल्स में बड़ी संख्या में सबस्टेंडर्ड प्रेशर कुकर जब्त किए गए, जयपुर से आई टीम ने पहली बार की इस तरह की कार्रवाई।

जोधपुर. हम सभी के दिमाग में सवाल आता है कि क्या प्रेशर कुकर जान ले सकता है? तो इस प्रश्न का जवाब है हां, प्रेशर कुकर फटने से जान तक जा सकती है। पर फिर भी कुछ कंपनियां इन चीजों के बारे में नहीं सोचती है और ऐसे गंभीर अपराध कर देती है। राजस्थान में आज इतना गंभीर अपराध करने वाले एक फैक्ट्री मालिक पर आज छापा मारा गया है। जोधपुर में अपने तरह का यह पहला ही एक्शन है, जब प्रेशर कुकर बनाने वाली एक फैक्ट्री पर छापा मारा गया है। प्लांट में प्रेशर कुकर बनाने की प्रोसेस को देखने के बाद भारतीय मानक ब्यूरो के अधिकारी भी दंग रह गए। फैक्ट्री मालिक और कुछ कर्मचारियों से भी इस मामले में पूछताछ की गई है और निर्माण कार्य रुकवाया गया है। 

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

बिना आई एस आई मार्क के ही बन रहे थे प्रेशर कुकर
मानकों (standard) का ध्यान रखे बगैर प्रेशर कुकर बनाने वाली की एक औद्योगिक इकाई पर भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने कार्रवाई की है। बीआईएस स्टैंडर्ड के निरीक्षक मोहित मीणा ने बताया कि जोधपुर के इंडस्ट्रियल एरिया में स्थित इस फैक्ट्री नकली कुकर बनाने के बारे में सूचना मिली थी। महालक्ष्मी मेटल्स में बिना बीआईएस के मानकों की पालना के प्रेशर कुकर बनाए जा रहे हैं और सबसे बड़ी बात यह सामने आई कि इन प्रेशर कुकर को बिना आई एस आई मार्क ही बेच आ भी जा रहा है। इस पर आज फैक्ट्री पर छापा मारा गया । अचानक जब फैक्ट्री पर रेड पड़ी तो हड़कंप सा मच गया। बाद में अधिकारियों ने सबसे पहले निर्माण रुकवाया और उसके बाद वहां मौजूद माल जप्त किया ।



सबस्टेंडर्ड कुकर के फटने का खतरा

बीएसआई के अनुसार सबस्टैंडर्ड प्रेशर कुकर भले ही मार्केट में सस्ते दामों में मिल जाते हो लेकिन ये उपभोक्ता के लिए नुकसानदायक होते है। प्रेशर कुकर जैसी वस्तु में मानकों का समझौता करने पर उपयोग के दौरान उसके फटने से कंज्यूमर को भारी नुकसान होने की आशंका रहती है। नकली प्रेशर कुकर कई बार उपयोग के समय फट जाते है जिससे की जान भी जा सकती है।

मुकदमा चलेगा साथ ही जुर्माना भी लगेगा 

बी एस आई के अनुसार आई एस आई मार्क उसी निर्माता को मिलता है जो बीआईएस के मानकों की पालना करता है । अगर उत्पादन पर आई एस आई का नहीं है तो उसमें मानकों की पालना का अभाव होने की आशंका बनी रहती है। ऐसी स्थिति मानकों के साथ समझौता करने पर वह उत्पाद की क्वालिटी प्रभावित करती है। बीआईएस अधीक्षक मोहित मीणा ने बताया कि मानकों के नियमों को नहीं मानने पर जुर्माना लगाया जाता है। साथ ही नियमानुसार केस भी चलता है । बी आई एस ने आज जिस कंपनी पर छापा मारा है उसको इस प्रोसेस में भेज दिया गया है।