वैसे तो पूरे देश में ही मकर सक्रांति और पतंग महोत्वस बड़ी ही धूमधाम से मनाया गया। लेकिन राजस्थान में यह नजारा सबसे अलग था। जिसे एक जश्न की तरह सेलिब्रेट किया गया। जयपुर में लोगों ने जमकर पतंगबाजी की और आतिशबाजी की। राजस्थानियों ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। 14 और 15 जनवरी को डेढ़ अरब के पतंग-मांझे बिके।

जयपुर. राजस्थान में मकर संक्रांति का पर्व शनिवार को पूरे धूमधाम के साथ मनाया गया। हालांकि आज रविवार होने के चलते सुबह से पतंगबाजी जमकर हो रही है। कल की तरह आज भी लोग सुबह से ही अपनी छतों पर चढ़कर पतंग उड़ा रहे हैं। पिछले 2 सालों में कोरोना के दौरान भले ही लोगों ने पतंगबाजी तो जमकर की हो लेकिन त्योहार फीका ही रहा। वहीं इस बार राजस्थान में मकर संक्रांति पर कई रिकॉर्ड टूट चुके हैं। फिर चाहे बात पतंग मांझे की बिक्री की हो या फिर चाइनीज मांझे से हुए घायलों की।

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सिर्फ जयपुर में हुआ 20 करोड़ का पतंग कारोबार
पतंग और मांझा की बिक्री की बात करें तो राजस्थान में इस बार सबसे ज्यादा इसकी बिक्री राजधानी जयपुर में हुई है। यहां इससे करीब 20 करोड का कारोबार हुआ है। इसके अलावा जोधपुर उदयपुर समेत कई जिलों में भी करोड़ों में इनकी बिक्री हुई। हालांकि राजस्थान में कई जिलों में अलग-अलग त्योहारों पर पतंगबाजी की जाती है ऐसे में वहां पतंगों की बिक्री न के बराबर ही हुई। राजस्थान में इस बार पतंगबाजी में केवल पतंगों की बिक्री ज्यादा हुई है।

पतंगबाजी से 200 सो ज्यादा लोग हुए घायल
पतंग व्यापारियों की मानें तो चाइनीज मांझा आने से इस बार नॉर्मल मांझे की डिमांड बेहद कम हो चुकी है। वही राजस्थान में सबसे चौंकाने वाली बात तो इस बार यह रही कि प्रशासन और सरकार ने भले ही चाइनीज मांझे पर रोक लगाई थी लेकिन राजस्थान में 14 जनवरी को चाइनीज मांझा से करीब सात सौ से ज्यादा लोग घायल हो गए। झुंझुनू जिले में तो एक युवक छत से गिरकर ट्रांसफार्मर पर गिरा। राजधानी जयपुर में करीब 200 से ज्यादा लोग घायल हुए। वही राजस्थान में आज भी जमकर पतंगबाजी होगी। ऐसे में निश्चित ही यह आंकड़ा बढ़ेगा ही।