विधायक अमीन कागजी की मांग को चिकित्सा मंत्री परसादी लाल मीणा ने मान लिया और फिर से चार डॉक्टर्स को विधानसभा क्षेत्र में तैनात कर दिया है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर आदेश जारी कर दिया गया है। 

जयपुर. शनिवार को कांग्रेस विधायक अमीन कागजी ने अपनी ही सरकार के मंत्री के घर के बाहर धरना दिया था। हालांकि बाद में मंत्री ने विधायक को उनकी मांगे पूरी करने का भरोसा दिया था। अब रविवार को राज्य के चिकित्सा मंत्री परसादी लाल मीणा ने विधायक की मांग पर अमल करते हुए उन 4 डॉक्टरों का ट्रांसफर आर्डर कैंसिल कर दिया है जिनके ट्रांसफर के विरोध में विधायक ने नारेबाजी करते हुए हंगामा किया था और अपनी ही सरकार पर बात नहीं सुनने का आरोप लगाया था। 

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विधायक अमीन कागजी की मांग को चिकित्सा मंत्री परसादी लाल मीणा ने मान लिया और फिर से चार डॉक्टर्स को विधानसभा क्षेत्र में तैनात कर दिया है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर आदेश जारी किए गए ऑर्डर के अनुसार, डॉ.अब्दुल रउफ और डॉ.मोहम्मद हुसैन को सेटेलाइट हॉस्पिटल मोतीकटला,डॉ.वसीम हुसैन को सेटेलाइट हॉस्पिटल मोतीडूंगरी और डॉ.मोहम्मद फैजान को राजकीय चिकित्सालय रामगंज में तैनात कर दिया गया है।

इन्हीं डॉक्टरों के ट्रांसफर के विरोध में हुआ था हंगामा
इन 4 डॉक्टर्स के तबादले होने पर शनिवार को किशनपोल विधायक अमीन कागजी ने अपनी ही सरकार पर हमला बोलते हुए कहा था कि ट्रांसफर करने से पहले विधायकों को भी नहीं पूछा जाता है। शनिवार को विधायक कागजी अपने समर्थकों के साथ चिकित्सा मंत्री प्रसादी लाल के गांधीनगर स्थित आवास पर पहुंचकर धरना प्रदर्शन करने लगे थे। उन्होंने कहा था कि क्षेत्र के चार डॉक्टर्स का चिकित्सा मंत्री ने मेरी बिना किसी जानकारी के ट्रांसफर कर दिया है।

डॉक्टर के ट्रांसफर से विधायक कागजी और उनके समर्थकों ने नाराजगी दिखाई थी। बता दें कि अमीन कागजी किशनपोल विधानसभा सीट से विधायक हैं। अमीन कागजी के विरोध प्रदर्शन पर भाजपा ने गहलोत सरकार पर निशाना साधा था। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने कहा था कि गहलोत सरकार अपने कुनबे को संभालने में नाकाम हो रही है।

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