उदयपुर में मुहर्रम पर ताजिये निकल रहे थे। तभी एक ताजिये में आग लग गई। इससे पहले की कोई बड़ा हादसा होता, वहां रहने वाले हिंदू एक जुट हुए और आग पर काबू पाया। यही नहीं, गुंबद ढंकने एक महिला ने अपनी लाल साड़ी भी दी। यह वही जगह है, जहां टेलर कन्हैया लाल का गला काटा गया था।

उदयपुर. पैगंबर को लेकर कथित विवादास्पद बयान देने वालीं नुपूर शर्मा के समर्थन के चलते जिस जगह पर टेलर कन्हैयालाल को गला काटकर बेरहमी से मार दिया गया था, वो जगह मंगलवार को हिंदू-मुस्लिम एकता की अद्भुत मिसाल बनी। यह तस्वीर उन कट़्टरपंथियों के मुंह पर करारा तमाचा है, जो हिंदू-मुस्लिम की आड़ लेकर दंगे भड़काते हैं। उदयपुर में मुहर्रम पर ताजिये निकल रहे थे। तभी एक ताजिये में आग लग गई। इससे पहले की कोई बड़ा हादसा होता, वहां रहने वाले हिंदू एक जुट हुए और आग पर काबू पाया। यही नहीं, गुंबद ढंकने एक महिला ने अपनी लाल साड़ी भी दी। यह है पूरा मामला...

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बिजली का तार टच होने से लगी थी ताजिये में आग
मंगलवार शाम करीब 5 बजे मोचीवाड़ा इलाके से जब ताजिये गुजर रहे थे, तभी एक ताजिया बिजली के वायर से टच कर गया। देखते ही देखते उसने भीषण आग पकड़ ली। यह रास्ता एकदम संकरा है। इससे अफरा-तफरी मच गई। तभी वहां रहने वाले हिंदू परिवार मदद को आगे आए। उन्होंने आग पर पानी डालना शुरू किया। इसी गली की तीसरी-चौथी मंजिल पर रहने वाले लोगों ने बर्तनों से ताजिए पर पानी डाला। इस तरह आग बुझ गई।

यहीं से कुछ दूरी पर कन्हैयालाल का मर्डर हुआ था
जिस जगह पर ताजिये में आग लगी थी, उससे महज 300 मीटर की दूरी पर टेलर कन्हैयालाल की तालिबानी तरीके से गला काटकर हत्या की गई थी। लेकिन यहां रहने वाले हिंदुओं ने पुरानी बातें भूलकर हादसे के वक्त मुसलमानों की मदद की। मोचीवाड़ा के श्याम सुंदर सोलंकी और आशीष चौहाड़िया ने कहा कि वे अपने चार मंजिला मकान की छत थे, तभी उन्हें ताजिये में आग लगते दिखी। हमने बिना बिलंव किए आग बुझाने में मदद की। अगर कुछ और देरी हो जाती, तो बड़ा हादसा हो सकता था।

ताजिये के गुंबद को ढंकने महिला ने दी लाल साड़ी
ताजिये का गुंबद जल गया था। लिहाज उसे ढंकने के लिए लाल कपड़ा चाहिए था। जब वहां रहने वालीं रेखा सोलंकी ने मुस्लिम लोगों को टेंशन में देखा, तो तुरंत गुंबद ढकने के लिए अपनी लाल साड़ी लाकर दी। वे श्याम सुंदर सोलंकी की भाभी हैं। इसके बाद सबने खूब तालियां बजाईं। पलटन मस्जिद कमेटी के सेक्रेटरी रियाज हुसैन ने खुशी जताते हुए कहा कि कमेटी ने तय किया था कि भाईचारे का संदेश देना हैं। इस बार कमेटी ने महाकाल यात्रा पर फूल बरसाए थे। उन्होंने ताजिये की आग बुझाने और लाल कपड़ा देने के लिए हिंदू लोगों को धन्यवाद बोला।

जानिए उदयपुर का कन्हैया लाल मर्डर केस के बारे में
यह हत्याकांड 28 जून को हुआ था। उस दिन दोपहर आरोपी मोहम्मद गौस और रिजया शहर के धानमंडी इलाके में मौजूद सुप्रीम टेलर्स की दुकान पर बाइक से पहुंचे थे। दोनों ने दुकानदार कन्हैयालाल (40) से कपड़े सिलवाने की बात कही। जब कन्हैयालाल नाप ले रहा था, तभी पीछे खड़े आरोपी ने धारदार हथियार से उस पर हमला कर दिया था। फिर दोनों ने तलवार से कन्हैयालाल पर कई वार किए। उसकी ऑन द स्पॉट उसकी मौत हो गई। कन्हैयालाल ने पैगंबर मोहम्मद को लेकर गलत बयान देने वाली भाजपा से सस्पेंड नुपूर शर्मा के सपोर्ट में सोशल मीडिया पर पोस्ट की थी। आरोपियों ने उसी का बदला लिया था।

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