राजस्थान में रेजिडेंट डॉक्टर पिछले नौ दिनों से हड़ताल पर चले गए हैं। उन्होंने सरकार से कहा कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं हुईं तो वह काम पर नहीं जाएंगे। वहीं प्रदेश सरकार ने अल्टीमेटम देते हुए कहा अगर आज शाम तक ड्यूटी ज्वॉइन नहीं की तो सभी को निलंबल कर दिया जाएगा।

जयपुर. राजस्थान के कई जिलों में रेजिडेंट डॉक्टर 9 दिन से हड़ताल पर डटे हुए हैं । उनका कहना है कि उनके पास जो बांड भरवाया जा रहा है, वह गलत है उसमें संशोधन की जरूरत है। लेकिन हेल्थ डिपार्टमेंट के अफसरों का कहना है कि वह उचित है और पूरी तरह से तय मापदंडों के आधार ही उसे बनाया गया है । इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में तनातनी है और 9 दिन से रेजिडेंट हड़ताल पर है । 9 दिन से हड़ताल के कारण हजारों मरीजों को परेशानी बढ़ चुकी है और सैकड़ों ऑपरेशन टाले जा चुके हैं, लेकिन अब हेल्थ डिपार्टमेंट सक्ति के मूड में है।

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रात तक हड़ताल बंद नहीं की तो शुरू हो जाएगा निलंबन
सरकार ने रेजिडेंट डॉक्टर्स को आज आज का वक्त दिया है । आज रात तक अगर अपनी हड़ताल वापस नहीं लेते तो कल से निलंबन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। हालांकि इस बीच में रेजिडेंट डॉक्टर्स में दो फाड़ हो चुकी है और एक धड़ा 3 दिन पहले काम पर लौट गया है । रेजिडेंट डॉक्टर्स के कारण सबसे ज्यादा परेशानी जयपुर ,जोधपुर ,उदयपुर ,अजमेर के हजारों मरीजों को हो रही है। नॉर्थ इंडिया का सबसे बड़ा अस्पताल जयपुर में स्थित s.m.s. अस्पताल में हालात बेकाबू होते जा रहे हैं।

जानिए आखिर रेजिडेंट डॉक्टर्स की हैं क्या मांगे
रेजिडेंट डॉक्टर से जुड़े संगठन जारड jard का कहना है कि सरकार हठधर्मिता पर है । सरकार के अफसर हठधर्मिता पर उतरे हुए हैं । वे अपनी जिद के कारण यह सब कुछ करने को मजबूर हैं । जाड के प्रतिनिधियों का कहना है कि 2021-22 के लिए एक बार शिथिलता प्रदान करते हुए बांड राशि को 2500000 से घटाकर ₹1000000 करने और सेवा अवधि 5 साल से घटाकर 2 साल करने पर सहमति हुई । अब सरकार इसे पूरा करें । पदाधिकारियों का कहना है कि कोविड-19 दौरान रेजिडेंट ने बिना थके 24 24 घंटे काम किया है। अब सरकार 5000 डॉक्टर की भर्ती की घोषणा करें और उन्हें 90 दिन के अंदर अंदर पोस्टिंग दे । साथ ही सरकार जो पॉलिसी ला रही है ,उससे सिर्फ 25% को ही आगे जाकर फायदा होगा बाकी 75% का 8 साल का कैरियर बर्बाद हो जाएगा। 5 माह से डॉक्यूमेंट भी वापस नहीं दे रहे हैं।
सरकार ने बांड नीति लाकर रेजिडेंट डॉक्टर्स को फंसा दिया है। उधर s.m.s. अस्पताल के प्रिंसिपल डॉ राजीव बगरहट्टा ने कहा है कि जाड के पदाधिकारियों को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है, आज रात तक हड़ताल खत्म नहीं होती है तो कल से हम निलंबन शुरू कर देंगे।