राजस्थान के राजसमंद से हैरान करने वाला मामला सामने आया है। जहां एक सरकारी कर्मचारी के रिश्वत लेने की आदत ने इस रास्ते पर पहुंचा दिया है कि उसके पास अब जिंदगी भर पछताने के अलावा कुछ नहीं बचा है। एसीबी वालों के जोड़ता रहा हाथ पर कोई फायदा न हुआ।

राजसमंद (rajsamand).राजस्थान के राजसमंद जिले से हैरान करने वाली खबर सामने आई है। यहां ब्रेव लिखी थी शर्ट पहने यह जो सरकारी अधिकारी सामने बैठा है उन्होंने आज दोपहर में इतनी कायरता का काम किया कि जिसे जानकर एक बार आपकी आंखे भी शर्म से झुक जाए हालाकि बाद में पुलिस वाले उसे उठाकर ले गए। यह व्यक्ति जितेंद्र मीणा है जो राजसमंद की आमेट तहसील में पटवारी है । जितेंद्र मीणा ने भूमि का नामांतरण करने के लिए एक गरीब से 4 हजार की रिश्वत (bribe) मांगी थी। पीड़ित ने बहुत हाथ पैर जोड़े और बताया कि वह गरीब है रुपए नहीं दे सकता तो जितेंद्र मीणा ने उसे परेशान करते हुए कई चक्कर लगवाए फिर भी उसका काम नहीं किया।

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पहले दिए हजार अब देना थे 3 हजार, पर फिर हुआ ये
बाद में जब वह 4 हजार की रिश्वत देने के लिए तैयार हो गया तो जितेंद्र मीणा ने नामांतरण खोलने की तैयारी कर ली । 1 हजार कुछ दिन पहले लिए गए और बाकी बचे 3 हजार रुपए लेने थे। लेकिन पीड़ित व्यक्ति ने भी इसकी सूचना एसीबी को दे दी। एंटी करप्शन ब्यूरो के राजसमंद जिले के अनूप सिंह ने अपनी टीम के साथ जाकर आज पटवारी को 3 हजार रुपए लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया ।

पकड़ने लगा पुलिस के पैर, करता रहा विनती
जितेंद्र मीणा को जैसे ही पता चला कि पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है वह हाथ जोड़कर रोने लगा और छोड़ने के लिए कहने लगा। उसने यहां तक कहा कि आप हम दोनों ही सरकारी नौकर हैं इसलिए तरस खाइए, लेकिन एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने जरा सी भी सहानुभूति नहीं दिखाई और जितेंद्र को गिरफ्तार कर लिया ।

उधार पैसे लेकर, रिश्वत देने आया था पीड़ित
पीड़ित व्यक्ति ने एसीबी वालों को बताया कि उसके पास रेड कराने के लिए रुपए भी नहीं थे यह रुपए भी वह किसी से उधार लेकर आया है । अब जितेंद्र मीणा को गिरफ्तार करने के बाद आज शाम उसके घर की तलाशी ली गई है वहां से भी कुछ दस्तावेज बरामद किए गए हैं । एसीबी के पास सूचना है कि जितेंद्र ने और लोगों से भी नामंत्रण खोलने के लिए रुपए मांगे थे। फिलहाल उन लोगों से भी पूछताछ करने की तैयारी की जा रही है। इस बीच आज शाम को जितेंद्र को न्यायिक अधिकारियों के सामने पेश करने के बाद उसे जेल भेज दिया गया है।

उल्लेखनीय है कि 1 दिन पहले यानी कल 12 जिले के केलवाड़ा कस्बे में बिजली विभाग के JEN विक्रम कुमार मीणा को भी भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (anti corruption bureau) की टीम ने अरेस्ट किया था । विक्रम ने 25 हजार रुपए रिश्वत के तौर पर लिए थे। एसीबी जब उसके घर पहुंची तो एसीबी के पुलिसकर्मी के कान और कंधे पर विक्रम ने काट लिया और 25 हजार रुपए के नोट गटर में फेंक दिए। एसीबी वालों ने यह नोट गटर में से निकालकर साफ कर सुखाये और उसके बाद में विक्रम मीणा को गिरफ्तार कर लिया । 

जानकारी हो कि प्रदेश में कार्यवाही करते हुए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने इस साल 10 महीनों के दौरान 400 से भी ज्यादा सरकारी कार्मिकों को ट्रैप किया है।

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