राजस्थान के उदयपुर अहमदाबाद रेलवे ट्रैक पर हुए धमाके ने प्रदेश ही नहीं, पूरे देश मं खलबली मचाकर रख दी है। अगर समय पर गांव के लोगों ने सूझबूझ नहीं दिखाई होती तो बड़ा हादसा हो सकता था। NIA, स्टेट ATS समेत तमाम एजेंसियां इसकी जांच में जुट गई हैं। क्योंकि यह आतंकवादियों की साजिश हो सकती है।

उदयपुर. राजस्थान के उदयपुर में ओढ़ा गांव में उदयपुर अहमदाबाद रेलवे ट्रैक पर शनिवार रात को हुई घटना को करीब डेढ़ दिन का समय बीत चुका है। अभी तक पुलिस आरोपियों तक नहीं पहुंच पाई है लेकिन अब इस मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस ने इसे आतंकी साजिश माना है। बकायदा इस मामले को लेकर आतंकी साजिश के तहत ही मामला दर्ज किया गया है। पुलिस में इस में आतंकवाद जैसी कई घटनाओं को शामिल किया है।

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मौके पर मिला बारूद...टूटी हुई थी पटरी
आपको बता दें कि उदयपुर के ओढ़ा गांव में शनिवार रात को ग्रामीणों को एक तेज धमाके की आवाज सुनाई दी थी। इसके बाद जब ग्रामीण वहां पहुंचे तो उन्हें मौके से बारूद पड़ा मिला और साथ ही रेलवे की पटरी टूटी हुई भी मिली। अगले दिन सुबह जब पुलिस और स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंचे तो वहां के हालात देख वह भी दंग रह गए। वहां इतनी ज्यादा मात्रा में बारूद पड़ा था कि पूरे रेलवे पुल के साथ गांव भी जलाया जा सकता था। 

14 दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था इसका उद्घाटन
कल घटना की जांच को लेकर जहां एसआईटी टीम पहुंची थी। इसके बाद आज सुबह एनआईए की टीम मौके पर पहुंची। और अब एनएसजी ने भी मोर्चा संभाला हुआ है। हालांकि अभी तक इस पूरे मामले को लेकर किसी भी तरह का कोई आतंकी कनेक्शन सामने नहीं आया है। लेकिन इसे टेरर एंगल से ही देखा जा रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक उन्होंने पुल के नीचे एक गाड़ी को भी खड़ा हुआ देखा था। पुलिस और अन्य टीमें अब उस गाड़ी की तलाश में इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने में लगी हुई है। गौरतलब है कि इससे रेलवे पुल पर ट्रेन का संचालन करीब 14 दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ही किया था।

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