Holika Dahan 2026 Date And Time: होलिका पूजन और दहन हिंदुओं के प्रमुख त्योहारों में से एक है। ये त्योहार हर साल फाल्गुन पूर्णिमा पर मनाया जाता है। इस बार होलिका पूजन 2 मार्च, सोमवार को किया जाएगा। होलिका दहन हमेशा शुभ मुहूर्त देखकर ही किया जाता है।

Holika Dahan Time: ज्योतिष शास्त्र में अनेक अशुभ योग व समय के बारे में बताया गया है, भद्रा भी इनमें से एक है। इसलिए शुभ कार्य करते समय भद्रा का विचार जरूर किया जाता है। होलिका दहन पर हमेशा भद्रा का संयोग बनता है। विद्वानों का कहना है कि भद्रा में भूलकर भी होलिका दहन नहीं करना चाहिए, ऐसा करना अशुभ होता है। भद्रा क्या है, क्यों इसे अशुभ मानते हैं और हर बार होलिका दहन पर ही भद्रा का संयोग क्यों बनता है। आगे जानिए…

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क्या है भद्रा, क्यों मानते हैं अशुभ?

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार तिथि के आधे भाग को करण कहते हैं। करण की संख्या 11 है। इनमें से एक करण का नाम है विष्टि है, जिसे भद्रा भी कहते हैं। ग्रंथों की मानें तो भद्रा सूर्यदेव की पुत्री और शनि की बहन हैं। पैदा होने पर जब भद्रा संसार को खाने के लिए दौड़ी तो ये देख सभी देवी-देवता डर गए। तब ब्रह्मदेव ने भद्रा को शांत किया और तीनों लोकों में उसके घूमने का समय निश्चित किया। यही कारण है कि भद्रा का अशुभ समय माना जाता है।

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होली पर ही भद्रा का संयोग क्यों बनता है?

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार भद्रा का संयोग कुछ विशेष तिथियों पर ही बनता है जैसे-कृष्ण पक्ष की सप्तमी और चतुर्दशी तिथि और शुक्ल पक्ष की अष्टमी व पूर्णिमा तिथि पर। होलिका दहन का पर्व फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि पर मनाया जाता है, इसलिए हर साल इसी समय भद्रा का संयोग बनता है। भद्रा में होलिका दहन करने की मनाही है। विशेष परिस्थिति में भद्रा के पुच्छ काल में होलिका दहन किया जा सकता है।

भद्रा में क्यों न करें होलिका दहन?

ज्योतिषियों का मत है कि होलिका दहन का मुहूर्त किसी अन्य त्योहार के मुहूर्त से ज्यादा महत्वपूर्ण है क्योंकि अन्य त्योहार की पूजा उपयुक्त समय पर न की जाये तो सिर्फ पूजा का लाभ नहीं मिलेगा लेकिन होलिका दहन अगर गलत समय पर कर दिया जाए तो यह दुर्भाग्य को आमंत्रण देने जैसा है। भद्रा में होलिका दहन करने से देश-दुनिया और समाज सभी पर इसका बुरा असर होता है।

2 मार्च 2026 को कब से कब तक रहेगी भद्रा?

2 मार्च, मंगलवार को भद्रा शाम 5 बजकर 56 मिनिट से शुरू होगी होगी, जो 03 मार्च, मंगलवार सुबह 05 बजकर 28 मिनिट तक रहेगी। भद्रा का पुच्छ काल 2-3 मार्च की दरमियानी रात 12 बजकर 50 मिनिट से शुरू होगा जो 02 बजकर 32 मिनिट तक रहेगा। यही होलिका दहन का सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त है।


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इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।