Jitiya Vrat Otghan Time: जितिया व्रत 2026 में ओठगन यानी सरगी कब होगा और इसमें क्या खा सकते हैं? जानें सही समय, ओठगन की परंपरा, निर्जला व्रत के नियम और पारण से जुड़ी जरूरी बातें।

Jitiya Vrat 2026 Otghan: जितिया व्रत इस साल 3 अक्टूबर को रखा जा रहा है। जितिया व्रत रखने वाली महिलाओं के लिए ओठगन जिसे सरगी भी कहते हैं, बेहद अहम माना जाता है। यही वह समय होता है जब निर्जला उपवास शुरू होने से पहले व्रती कुछ खा-पी सकती हैं। 2026 में जितिया का मुख्य व्रत 3 अक्टूबर, शनिवार को रखा जाएगा। इससे एक दिन पहले 2 अक्टूबर को नहाय-खाय हुआ। अब 3 अक्टूबर को सूर्योदय से पहले ओठगन करके दिनभर निर्जला व्रत रखा जाएगा। जानिए जितिया व्रत से जुड़े जरूरी डिटेल।

ओठगन कब करना है?

जितिया के दिन ओठगन सूर्योदय से पहले किया जाता है। अलग-अलग इलाकों और परिवारों में इसका समय कुछ अलग हो सकता है। कुछ स्थानीय परंपराओं में सुबह करीब 4:30 बजे से पहले ओठगन पूरा करने की बात कही गई है। इसलिए व्रती महिलाओं को अपने क्षेत्र के पंचांग और पारिवारिक परंपरा के अनुसार समय तय करना चाहिए। ओठगन के बाद पानी पीने या भोजन करने की गुंजाइश नहीं रहती। इसके बाद जितिया का निर्जला व्रत शुरू माना जाता है।

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जितिया व्रत सरगी: ओठगन में क्या खाएं?

ओठगन में क्या खाया जाए, इसकी एक जैसी परंपरा हर जगह नहीं है। बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश और दूसरे क्षेत्रों में खान-पान की परंपराओं में अंतर मिलता है। आम तौर पर ये चीजें खाई जाती हैं-

  • चूड़ा-दही
  • फल
  • नारियल पानी
  • पारंपरिक मीठे पकवान
  • परिवार की परंपरा में शामिल सात्विक भोजन
  • कुछ क्षेत्रों में ओठगन के भोजन में स्थानीय और पारंपरिक व्यंजन भी शामिल किए जाते हैं।

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ओठगन के बाद क्या करना है?

ओठगन के बाद व्रती महिलाएं पूरे दिन निर्जला उपवास रखती हैं। इस दौरान पानी भी नहीं लिया जाता। भगवान जीमूतवाहन की पूजा और जितिया व्रत कथा सुनने की परंपरा है। यह व्रत संतान की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी जीवन की कामना से जुड़ा माना जाता है।

कब खुलेगा जितिया का व्रत?

जितिया का पारण 4 अक्टूबर को नवमी तिथि में किया जाएगा। उपलब्ध पंचांगों में पारण का समय लगभग सुबह 7:27-7:30 बजे के बाद बताया गया है, लेकिन शहर के अनुसार समय में थोड़ा अंतर हो सकता है। इसलिए पारण के लिए स्थानीय पंचांग को प्राथमिकता दें।