सार
Tulsi Mala benefits: हिंदू धर्म में तुलसी के पौधे का जितना महत्व है, उतना ही तुलसी की माला का भी है। तुलसी की माला गले में पहनने से कईं तरह का फायदे होते हैं। इसे पहनते समय खास मंत्र भी बोला जाता है?
Tulsi Mala Mantra: अधिकांश वैष्णव अपने घरों में तुलसी की माला पहनते हैं। तुलसी की माला पहनने से हमें कईं लाभ मिलते हैं। तुलसी की माला पहनने का जितना महत्व धार्मिक है उतना वैज्ञानिक भी है। इसे पहनने के बाद कईं नियमों का पालन भी करना पड़ता है। इसे पहनने का विशेष मंत्र भी है। ऐसी मान्यता है कि माला को पहनने से ही आत्मा और मन की शुद्धि होती है। आगे जानें तुलसी की माला का महत्व, उसके फायदे और पहनने का मंत्र…
कौन-सा मंत्र बोलकर पहनें तुलसी की माला?
तुलसी की माला पहनते समय एक खास मंत्र बोला जाता है। ऐसा करने से इसके शुभ फल हमें प्राप्त होते हैं। ये है वो मंत्र-
तुलसी काष्ठ संभूते माले विष्णुजनप्रिये।
विभर्मि त्वामहं कंठे कुरु मां रामवल्लभं।।
अर्थ- विष्णु भक्तों की परम प्रिये हे तुलसी माले। मै तुम्हे कंठ में धारण करता हूँ, मुझे रामवल्लभ बना दो।
तुलसी की माला पहनने से क्या लाभ होते हैं?
1. तुलसी की माला दिल के आस-पास रहती है, इससे हृदय व फेफड़े के रोग नहीं होते, ऐसी मान्यता है।
2. तुलसी की माला पहनने से व्यक्तित्व आकर्षक होता है। चेहरे पर तेज आता है और व्यवहार में सात्विकता।
3. तुलसी की माला बहुत चमत्कारी होती है, इसे पहनने से ऊपरी हवा जैसे भूत-प्रेत आदि का भय नहीं रहता।
4. ऑस्ट्रेलिया में की गई एक शोध से पता चला है कि ध्यान करते समय तुलसी की माला पहनने से बहुत अधिक लाभ मिलता है।
5. तुलसी की माला पहनने से एक्यूप्रेशर पॉइंट्स पर दबाव पड़ता है, जिससे मानसिक तनाव दूर होता है।
6. गले में तुलसी की माला पहनने से विद्युत तरंगे निकलती हैं जो ब्लड प्रेशर में रुकावट नहीं आने देतीं।
तुलसी माला पहनने के नियम कौन-से हैं?
1. तुलसी की माला पहनने के बाद मांसाहार और शराब आदि का सेवन न करें।
2. अपवित्र अवस्था में तुलसी की माला को स्पर्श न करें।
3. महिलाएं मासिक धर्म के दौरान तुलसी की माला न पहनें।
4. अपनी तुलसी की माला किसी अन्य व्यक्ति को न दें।
5. तुलसी की माला को पहनने के बाद बुरे विचार मन में न लाएं।
ये भी पढ़ें-
महादेव की कैसी तस्वीर घर में नहीं रखनी चाहिए?
महादेव की पूजा में कौन-सी गलतियां न करें, क्या न चढ़ाएं?
होलिका दहन 2025 पर भद्रा का साया, जानें क्या है होली जलाने का सही समय?