Nag Diwali 2025: हमारे देश में अनेक त्योहार मनाए जाते हैं। इनमें से कुछ पूरे देश में तो कुछ विशेष क्षेत्रों में ही मनाने की परंपरा है। ऐसा ही एक त्योहार नाग दिवाली। इस पर्व से जुड़ी अनेक रोचक बातें हैं जिनके बारे में कम ही लोगों को पता है।

Nag Diwali 2025 Kab Hai: हमारे देश में दिवाली से मिलते-जुलते नामों से अनेक त्योहार मनाए जाते हैं जैसे छोटी दिवाली और देव दिवाली आदि। ऐसा ही एक त्योहार है नाग दिवाली। सुनने में इस पर्व का नाम थोड़ी अलग लगे लेकिन देश के कुछ खास हिस्सों में ये पर्व अगहन मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। इस बार नाग पंचमी का 25 नवंबर, मंगलवार को मनाया जाएगा। इस पर्व से जुड़ी अनेक रोचक बातें और कथाएं हैं जो इसे और भी खास बना देती हैं। जानिए क्यों मनाते हैं नाग दिवाली और इससे जुड़ी रोचक बातें…

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क्यों मनाते हैं नाग दिवाली?

नाग पंचमी की ही तरह नाग दिवाली पर भी नागदेवता की पूजा की परंपरा है। मान्यता है कि नाग पाताललोक के वासी हैं और नाग दिवाली पर वे धरती पर आकर वे मनुष्यों को आशीर्वाद देते हैं। इसलिए इस दिन नागों की पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि और शांति बनी रहती है। इसके साथ ही नाग दंश का भय भी दूर होता है। जिन लोगों की कुंडली में कालसर्प दोष है वे इस दिन नागदेवता की पूजा करें तो उन्हें विशेष फल मिलता है।

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कहां मनाते हैं नाग दिवाली?

नाग दिवाली स्थानीय त्योहार हैं, ये देश के कुछ ही हिस्सों में मनाया जाता है। मुख्य रूप से ये पर्व उत्तराखंड के चमोली में मनाया जाता है। इस दिन लोग अपने घर के बाहर दीपक जलाते हैं और रांगोली बनाते हैं। वहां इस दिन नागदेवता की पूजा विशेष रूप से की जाती है। नाग दिवाली के मौके पर विशेष पकवान भी बनाए जाते हैं जिनका भोग नागदेवता को लगाया जाता है। लोग इस दिन नागदेवता से सुख-समृद्धि का आशीर्वाद भी मांगते हैं। इसके अलावा मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा क्षेत्र में भी नाग दिवाली का त्योहार स्थानीय परंपरा के अनुरूप मनाया जाता है।

नागदेवता की पूजा से मिलने वाले लाभ

1. नाग दिवाली पर नागदेवता की पूजा से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है।
2. कहते हैं नागदेवता की पूजा से परिवार में किसी को सर्प दंश का भय नहीं रहता।
3. नाग देवता की पूजा से दुश्मन चाहकर भी आपका कुछ बिगाड़ नहीं पाते और आप खतरों से बचे रहते हैं।
4. नाग दिवाली पर नागदेवता की पूजा करने से कालसर्प दोष का बुरा असर कम होता है।


Disclaimer
इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।