Peepal Purnima 2024: वैशाख मास की पूर्णिमा को पीपल पूर्णिमा भी कहते हैं। इस बार ये तिथि 23 मई, गुरुवार को है। इस दिन कुछ उपाय किए जाएं तो कईं तरह की परेशानियां अपने आप ही दूर हो सकती है। 

Vaishakh Purnima 2024 Upay: धर्म ग्रंथों में पूर्णिमा तिथि का विशेष महत्व बताया गया है। इस तिथि के देवता भगवान चंद्रदेव हैं। एक साल में कुल 12 पूर्णिमा तिथि होती है। इनमें से वैशाख पूर्णिमा बहुत खास है। वैशाख मास की पूर्णिमा पर पीपल वृक्ष की पूजा विशेष रूप से की जाती है। इसलिए इसे पीपल पूर्णिमा भी कहते हैं। इस बार वैशाख पूर्णिमा 23 मई, गुरुवार को है। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के अनुसार, इस दिन कुछ खास उपाय किए जाएं तो पितृ दोष की शांति के साथ-साथ आने वाले संकटों को भी टाला जा सकता है। जानें इन उपायों के बारे में…

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पीपल की पूजा करें
वैशाख मास की पूर्णिमा पर पीपल वृक्ष की पूजा का विशेष महत्व है। इसलिए इसे पीपल पूर्णिमा भी कहते हैं। इस दिन पीपल वृक्ष पर जल चढ़ाने और इसके नीचे शुद्ध घी का दीपक जलाने से कईं तरह के फायदे हमें हो सकते हैं। वैशाख पूर्णिमा पर पीपल की पूजा करने से देवी-देवताओं की कृपा हमारे ऊपर बनी रहती है।

पितर शांति के लिए करें धूप-ध्यान
वैशाख पूर्णिमा पर दोपहर लगभग 12 बजे पितरों की शांति के लिए धूप-ध्यान, पिंडदान, श्राद्ध आदि करना चाहिए। साथ ही पितरों का ध्यान करते हुए हथेली में जल लेकर अंगूठे की ओर से पितरों को चढ़ाना चाहिए। ऐसा करने से पितृ दोष की शांति होती है और जीवन में चल रही समस्याएं दूर होती हैं।

तुलसी के पास दीपक जलाएं
वैशाख पूर्णिमा की शाम को तुलसी के पौधे के निकट एक शुद्ध घी का दीपक जलाएं। तुलसी की पूजा से भगवान विष्णु भी प्रसन्न होते हैं। इस उपाय से घर में सुख-समृद्धि आती है और परिवार के सदस्यों के बीच सामंजस्य बना रहता है।

जरूरतमंदों को दान करें
वैशाख मास की पूर्णिमा तिथि पर जरूरतमंद लोगों को अपनी इच्छा अनुसार, पैसा, कच्चा अनाज, भोजन, जूते-चप्पल, छाते आदि का दान करना चाहिए। संभव हो तो किसी गौशाला में गाय को घास खिलाएं और धन का दान करें। मछलियों के लिए आटे की गोलियां बनाकर नदी या तालाब में डालें।


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Disclaimer : इस आर्टिकल में जो भी जानकारी दी गई है, वो ज्योतिषियों, पंचांग, धर्म ग्रंथों और मान्यताओं पर आधारित हैं। इन जानकारियों को आप तक पहुंचाने का हम सिर्फ एक माध्यम हैं। यूजर्स से निवेदन है कि वो इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।