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Unique Temple: आठवां अजूबा है जमीन के नीचे बना ये मंदिर, बनने में लगे 100 साल, वैज्ञानिक भी हैरान

Unique Temple: भारत में ऐसे मंदिर हैं जो अपने अंदर कई विशेषताएं समेटे हुए हैं। ऐसा ही एक मंदिर महाराष्ट्र के औरंगाबाद में स्थित है। इस मंदिर का नाम है एलोरा कैलाश मंदिर। दिखने में ये मंदिर साधारण लगे लेकिन इसके बनने की कहानी बहुत रोचक है।

3 Min read
Author : Manish Meharele
Published : Jan 23 2026, 03:20 PM IST
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जमीन के नीचे बना है ये अनोखा मंदिर
Image Credit : Getty

जमीन के नीचे बना है ये अनोखा मंदिर

Ellora Kailash Temple: भारत के मंदिरों का देश कहा जाता है। यहां कुछ ऐसे मंदिर भी हैं जिनके बारे में जानकर वैज्ञानिक भी हैरान हैं। ऐसा ही एक मंदिर है एलोर कैलाश मंदिर जो महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले में स्थित है। इस मंदिर को अगर आठवां अजूबा कहा जाए तो गलत नहीं होगा। जो भी इस मंदिर के इतिहास के बारे में जानता है वो यकीन नहीं कर पाता। इस मंदिर की सबसे बड़ी खासियत ये है तो जमीन के कईं फीट नीचे बना है। मंदिर की खासियत देखकर यूनेस्को ने 1983 में ही इसे विश्व विरासत स्थल घोषित किया है। आगे जानिए क्यों खास है ये मंदिर…


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100 साल में बनकर हुआ तैयार
Image Credit : Getty

100 साल में बनकर हुआ तैयार

एलोरा कैलाश मंदिर के बारे में कहा जाता है कि इसे बनने में लगभग 100 वर्ष का समय लगा। इसके पीछे की वजह ये है कि मंदिर एक बहुत विशाल पत्थर को काटकर ऊपर से नीचे की ओर बनाया गया है। सुनने में ये बात अजीब जरूर लगे लेकिन ये सच है। इस मंदिर की ये विशेषता देखकर वैज्ञानिक भी हैरान है। कहा जाता है कि इस मंदिर को बनाते समय करीब 40 हजार टन वजनी पत्थरों को काटा गया था।


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7 हजार कारीगरों ने बनाया ये मंदिर
Image Credit : Getty

7 हजार कारीगरों ने बनाया ये मंदिर

इतिहासकारों की मानें तो एलोरा कैलाश मंदिर के निर्माण का कार्य राष्ट्रकूट वंश के राजा कृष्ण (प्रथम) (757-783 ई.) ने शुरु करवाया था। करीब 7 हजार मजदूर दिन-रात इसे बनाने में लगे रहे। कारीगरों की इतनी संख्या होने के बाद भी इसे बनाने में 100 साल का समय लगा। किसी भी पत्थर को ऊपर से काटते हुए नीचे की ओर बनाना उस समय की वास्तु कला का श्रेष्ठ उदाहरण है। ये मंदिर जमीन के नीचे लगभग 2 मंजिला बना हुआ है।

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महादेव को समर्पित है ये मंदिर
Image Credit : Getty

महादेव को समर्पित है ये मंदिर

इस मंदिर में भगवान शिव लिंग रूप में स्थापित है। कहते हैं कि इस मंदिर को हिमालय के कैलाश पर्वत के रूप देने की कोशिश की गई हथी जो काफी हद तक सफल भी रही। इस मंदिर में कहीं भी कोई जोड़ नही है। ये मंदिर लगभग 82 मीटर चौड़ा और 46 मीटर चौड़ा है। इसकी ऊंचाई 30 मीटर के करीब है। मंदिर की दीवारों और स्तभों पर सुंदर नक्काशी देखने को मिलती है।

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कैसे पहुंचें एलोरा कैलाश मंदिर?
Image Credit : Getty

कैसे पहुंचें एलोरा कैलाश मंदिर?

- औरंगाबाद में हवाई अड्डा है। यहां से एलोरा की गुफाओं की दूरी लगभग 35 किलोमीटर है। औरंगाबाद हवाई अड्डे पर पहुंचने के बाद आप किसी भी बस या टैक्सी की मदद से गुफाओं तक पहुंच सकते हैं।
- औरंगाबाद रेलवे स्टेशन मुंबई और पुणे से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। जलगांव रेलवे स्टेशन एलोरा के सबसे निकटतम स्टेशन हैं। यहां से आप बस या टैक्सी के रूप में विकल्प चुन सकते हैं।
- औरंगाबाद प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों से जुड़ा है। यहां आकर आप आसानी से अंजता-एलोरा पहुंच सकते हैं।

धार्मिक परंपराओं, मंदिरों, त्योहारों, यात्रा स्थलों और आध्यात्मिक ज्ञान से जुड़ी खबरें पढ़ें। पूजा पद्धति, पौराणिक कथाएं और व्रत-त्योहार अपडेट्स के लिए Religion News in Hindi सेक्शन देखें — आस्था और संस्कृति पर सटीक और प्रेरक जानकारी।

About the Author

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Manish Meharele
मनीष मेहरेले। मीडिया में 19 साल का अनुभव, अभी एशियानेट न्यूज हिंदी के डिजिटल में काम कर रहे हैं। महाभारत, रामायण जैसे धार्मिक ग्रंथों का अच्छा ज्ञान है। ज्योतिष-हस्तरेखा, उपाय, वास्तु, कुंडली जैसे टॉपिक पर पकड़ है। यह जीव विज्ञान में बीएससी स्नातक हैं । करियर की शुरुआत स्थानीय अखबार दैनिक अवंतिका से की। 2010 से 2019 तक दैनिक भास्कर डॉट कॉम में धर्म डेस्क पर काम किया है।
मंदिर

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