भारतीय ओलंपिक संघ की प्रेसीडेंट और राज्यसभा सांसद पीटी उषा (PT Usha) को सेंट्रल यूनिवर्सिटी केरल (Kerala Central University) ने सम्मानित किया है। खेलों में उनके शानदार योगदान के लिए विश्वविद्यालय ने डॉक्टरेट की मानद उपाधि से सम्मानित किया है। 

PT Usha Honorary Doctorate. भारतीय ओलंपिक संघ की प्रेसीडेंट और राज्यसभा सांसद पीटी उषा (PT Usha) को सेंट्रल यूनिवर्सिटी केरल (Kerala Central University) ने सम्मानित किया है। खेलों में उनके शानदार योगदान के लिए विश्वविद्यालय ने डॉक्टरेट की मानद उपाधि से सम्मानित किया है। केरल केंद्रीय विश्वविद्यालय द्वारा प्रदान किया जाने वाला यह पहला मानद डॉक्टरेट होगा।

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एशियाई चैंपियन रही हैं पीटी उषा

पीटी उषा ने मैदान पर शानदार टाइम बिताया है और वे अगली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत हैं। एशियाई खेलों की चैंपियन रह चुकी पीटी उषा ने करियर में कुल 19 गोल्ड मेडल सहित 33 पदक जीते हैं। वे एशियाई खेलों में लगातार चार पदक जीतने वाली पहली भारतीय एथलीट हैं। पीटी उषा ने करियर की शुरूआत 1985 में जकार्ता एशियाई एथलेटिक्स मीट में 5 गोल्ड मेडल जीतकर की थी। उस टूर्नामेंट में उषा ने कुल 6 मेडल्स जीते थे। यही वजह है कि उन्हें भारतीय ट्रैक एंड फील्ड की क्वीन कहा जाता है।

उषा स्कूल ऑफ एथलेटिक्स की प्रमुख

पीटी उषा ने अपने प्रदर्शन के दम पर भारत को कई बार गौरवान्वित होने का मौका दिया है। वे किनालूर स्थित उषा स्कूल ऑफ एथलेटिक्स की प्रमुख भी हैं, जहां नई पीढ़ी की स्टार खिलाड़ी ट्रेनिंग पाती हैं। पिछले वर्षों का रिकॉर्ड देखें तो उन्होंने शानदार एथलेटिक्स तैयार किए हैं। उषा स्कूल ऑफ एथलेटिक्स की खिलाड़ियों ने भारत के लिए अभी तक कुल 79 मेडल्स जीते हैं। पीटी उषा को महान एथलीट माना जाता है जिन्होंने भारत में मजबूत एथलेटिक कल्चर का निर्माण किया है।

कुलपति ने क्या कहा

सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ केरल के कुलपति प्रो. एच वेंकटश्वरलू ने कहा कि विश्वविद्यालय का यह कर्तव्य है कि वह उन लोगों का सम्मान करे जो देश के लिए रोल मॉडल हैं। उन्होंने कहा कि पीटी उषा स्टूडेंट्स को प्रेरित करती हैं। विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित होने वाले विशेष समारोह में उन्हें डॉक्टरेट की मानद उपाधि प्रदान की जाएगी। इससे पहले पीटी उषा को सन् 2000 में कन्नूर विश्वविद्यालय द्वारा मानद डॉक्टरेट (डी.लिट), 2017 में आईआईटी कानपुर द्वारा डॉक्टरेट की मानद उपाधि (डी.एससी) और 2018 में कालीकट विश्वविद्यालय द्वारा मानद डॉक्टरेट (डी.लिट) से सम्मानित किया जा चुका है।

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