India Hockey Semi Final Scenario: हॉकी वर्ल्ड कप में नीदरलैंड्स से 3-1 से हारने के बाद भारत बाहर होने की कगार पर है। जानें अब भी टीम इंडिया सेमीफाइनल में कैसे पहुंच सकती है।
Hockey World Cup 2026 Semi Final Scenario: भारतीय पुरुष हॉकी टीम को 2026 हॉकी वर्ल्ड कप के दूसरे दौर में शनिवार को नीदरलैंड्स के खिलाफ 1-3 से हार का सामना करना पड़ा। इस हार ने टीम इंडिया की सेमीफाइनल की राह बेहद मुश्किल कर दी है। हालांकि, भारत अभी पूरी तरह टूर्नामेंट से बाहर नहीं हुआ है। अब उसकी उम्मीदें दूसरे मैच के नतीजे पर टिकी हैं। नीदरलैंड्स ने इस जीत के साथ सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है। दूसरी ओर भारत के लिए समीकरण काफी पेचीदा हो गया है। अब इंग्लैंड और अर्जेंटीना के बीच होने वाले मुकाबले पर टीम इंडिया की नजर रहेगी।
India vs Netherlands: 3-1 से हार गया भारत, लेकिन उम्मीद अभी बाकी
भारत और नीदरलैंड्स के बीच मुकाबले का पहला हिस्सा काफी रोमांचक रहा। टीम इंडिया ने शुरुआत से ही आक्रामक हॉकी खेली और डच टीम को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। भारत ने पहले क्वार्टर में गेंद पर करीब 78 परसेंट कब्जा रखा, लेकिन नीदरलैंड्स के मजबूत डिफेंस को भेदकर गोल करना आसान नहीं रहा। भारतीय डिफेंस ने भी शानदार काम किया। नीदरलैंड्स को मिले शुरुआती पेनल्टी कॉर्नर के दौरान मनप्रीत सिंह ने कई बार आगे आकर बेहतरीन बचाव किया। पहले हाफ के खत्म होने तक स्कोर 0-0 था। यानी भारत ने मेजबान टीम को उसकी घरेलू भीड़ के सामने काफी देर तक परेशान करके रखा।
तीसरे क्वार्टर तक भारत ने बनाए रखा दबाव
दूसरे क्वार्टर में भी भारत ने कई अच्छे मौके बनाए। 24वें मिनट में दिलप्रीत सिंह के पास गोल करने का शानदार मौका आया, लेकिन उनका शॉट डच गोलकीपर ने रोक दिया। भारत की डिफेंस लाइन भी पहले के मुकाबलों की तुलना में ज्यादा अनुशासित नजर आई। टीम ने सेंटर में जगह कम रखी और नीदरलैंड्स के हमलों को रोकने में काफी हद तक कामयाब रही। ऐसा लग रहा था कि भारत मैच को अपनी शर्तों पर आगे ले जा रहा है। लेकिन तीसरे क्वार्टर में कहानी बदल गई।
41वें मिनट में नीदरलैंड्स ने तोड़ा भारत का डिफेंस
मुकाबले का पहला गोल 41वें मिनट में आया। नीदरलैंड्स ने एक तेज अटैक बनाया और डुको टेलगेनकैंप ने गेंद को भारतीय गोलकीपर के पार पहुंचाकर अपनी टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी। इस गोल के बाद भारत को बराबरी के लिए ज्यादा खिलाड़ियों को आगे भेजना पड़ा। यही स्थिति नीदरलैंड्स के लिए फायदेमंद साबित हुई। भारतीय टीम को अब गोल की तलाश थी और डच टीम को इसी मौके का इंतजार था।
51वें मिनट में फिर लगा बड़ा झटका
नीदरलैंड्स ने 51वें मिनट में एक शानदार मूव बनाया। सिर्फ कुछ पास में गेंद भारतीय सर्कल तक पहुंची और त्जेप होडेमेकर्स ने इस हमले को गोल में बदल दिया। स्कोर अब 2-0 हो चुका था। भारत के लिए मुश्किलें और बढ़ गईं। इसी दौरान कप्तान हरमनप्रीत सिंह भी पीठ की परेशानी से जूझते रहे। उन्हें इलाज के लिए मैदान से बाहर भी जाना पड़ा। ऐसे में भारत को अपने सबसे अहम पेनल्टी कॉर्नर एक्सपर्ट की मौजूदगी का नुकसान भी हुआ।
हरमनप्रीत ने दिलाई वापसी की उम्मीद
भारत ने हार नहीं मानी। टीम को पेनल्टी कॉर्नर मिला और कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने इसे गोल में बदल दिया। भारत ने स्कोर 1-2 कर दिया। उस समय लगा कि शायद टीम इंडिया मैच में वापसी कर सकती है। लेकिन यह खुशी ज्यादा देर नहीं टिक सकी। सिर्फ चार मिनट बाद नीदरलैंड्स ने फिर हमला किया और थाइस वैन डैम ने गोल करके स्कोर 3-1 कर दिया। इसके बाद भारत के लिए वापसी बेहद मुश्किल हो गई।
2018 की याद फिर ताजा हो गई
नीदरलैंड्स के खिलाफ भारत की यह हार इसलिए भी ज्यादा चुभने वाली है क्योंकि 2018 वर्ल्ड कप में भी डच टीम ने भारत का रास्ता रोक दिया था। उस समय भारत क्वार्टर फाइनल में नीदरलैंड्स के खिलाफ बढ़त बनाने के बावजूद मैच गंवा बैठा था। 2026 में भी एक बार फिर नीदरलैंड्स ने भारत की सेमीफाइनल की राह में बड़ा रोड़ा डाल दिया है।
भारत ने शुरुआत में दिखाई थी जबरदस्त हिम्मत
मैच से पहले भारतीय टीम के सामने बड़ी चुनौती थी। उसे सिर्फ नीदरलैंड्स के खिलाड़ियों से नहीं, बल्कि उसके घरेलू दर्शकों के दबाव से भी निपटना था। स्टेडियम में डच फैंस की बड़ी मौजूदगी थी। वहीं भारत को सपोर्ट करने वालों में पूर्व भारतीय क्रिकेट कोच राहुल द्रविड़ भी मौजूद थे। उनके साथ ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान स्टीव वॉ भी मुकाबला देखने पहुंचे थे। भारत ने शुरुआत से ही ऐसा खेल दिखाया कि घरेलू दर्शकों का उत्साह धीरे-धीरे कम होने लगा। पहले क्वार्टर के बाद डच फैंस की शुरुआती खुशी की जगह निराशा दिखाई देने लगी थी।
फिर कहां चूका भारत?
भारत ने मैच के लंबे हिस्से में अच्छा डिफेंस किया। लेकिन जैसे ही नीदरलैंड्स ने भारतीय डिफेंस में जगह खोजी, मैच तेजी से उसके हाथ से निकल गया। पहला गोल खाने के बाद भारत को बराबरी के लिए ज्यादा आक्रामक होना पड़ा। इसी दौरान डच टीम को काउंटर अटैक के मौके मिले। दूसरे गोल के बाद भारत ने वापसी की कोशिश की, लेकिन लगातार दबाव में गलतियां होने लगीं। आखिरी गोल से पहले मनप्रीत सिंह से गेंद गंवाने के बाद नीदरलैंड्स को काउंटर का मौका मिला और वैन डैम ने इसे गोल में बदल दिया।
अब हॉकी वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में कैसे पहुंचेगा भारत?
भारतीय फैंस के लिए अब सारा खेल किस्मत और दूसरों के नतीजों पर टिक गया है। अब उम्मीदें इंग्लैंड और अर्जेंटीना के बीच होने वाले मैच पर टिकी हैं। नए फॉर्मेट के हिसाब से अगर इस मैच में इंग्लैंड की जीत होती है, तो वह नीदरलैंड के साथ सेमीफाइनल में चला जाएगा। इसका मतलब है कि भारत और अर्जेंटीना दोनों का सफर यहीं खत्म हो जाएगा। टीम इंडिया को अब इस मैच में एक ऐसे 'चमत्कारिक' नतीजे की जरूरत है, जो इंग्लैंड को रोक सके और भारत के लिए रास्ता खोल दे।


