2025 के लौरिया विधानसभा चुनाव में, भाजपा ने पश्चिम चंपारण की इस महत्वपूर्ण सीट पर लगातार चौथी बार जीत हासिल की। ​​विनय बिहारी ने 96,000 से ज़्यादा वोट हासिल करके जीत हासिल की। ​​

Lauriya Assembly Election 2025: लौरिया विधानसभा (Lauriya Assembly Election 2025) पश्चिम चंपारण जिले की एक अहम सीट है। यहां का राजनीतिक इतिहास उतार-चढ़ाव से भरा रहा है। इस बार 2025 में लगातार बीजेपी चौथी जीत हासिल कर सीट अपने नाम किया है। 96 हजार से ज्यादा वोट के साथ जीते विनय बिहारी।

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विनय बिहारी की लगातार जीत

  • भोजपुरी फिल्मों के मशहूर गीतकार और गायक विनय बिहारी ने पहली बार 2010 में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव जीतकर सबको चौंका दिया। उन्हें 38,381 वोट मिले जबकि जेडीयू प्रत्याशी प्रदीप सिंह को 27,500 वोट ही मिले।
  • 2015 में भाजपा से जुड़कर उन्होंने 57,351 वोट पाकर राजद प्रत्याशी रान कौशल प्रताप सिंह को 17,573 वोटों से हराया।
  • 2020 में मुकाबला और रोचक हुआ। इस बार उन्होंने 77,927 वोट हासिल किए और राजद के शंभू तिवारी को हराया, जिन्हें 48,923 वोट मिले।

जातीय समीकरण और स्थानीय मुद्दे

लौरिया सीट पर यादव और मुस्लिम मतदाता बड़ी भूमिका निभाते हैं। इसके अलावा कोइरी और ब्राह्मण वोटर भी निर्णायक स्थिति में रहते हैं। यही कारण है कि हर चुनाव में जातीय संतुलन को साधना पार्टियों के लिए बड़ी चुनौती होती है।

यहां शिक्षा, बेरोजगारी, बाढ़ से नुकसान, कर्जा और आजीविका जैसे मुद्दे बार-बार उठते रहे हैं।

विनय बिहारी की संपत्ति और आपराधिक रिकॉर्ड

विनय बिहारी एक चर्चित नाम हैं, जिनकी पहचान राजनीति से पहले भोजपुरी सिनेमा से जुड़ी है। उनके पास 3.65 करोड़ों की संपत्ति है। 980 रुपए की देनदारी है। पोस्ट ग्रेजुएशन करने वाले विनय बिहारी पर छह आपरािक केस भी दर्ज हैं। दूसरी ओर, विपक्ष के उम्मीदवारों में संपत्ति और बैकग्राउंड का बड़ा फर्क देखने को मिलता है।

2025 में लौरिया विधानसभा सीट पर चुनौती

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या भाजपा के विनय बिहारी चौथी बार भी जीत का रिकॉर्ड कायम करेंगे? या फिर राजद और महागठबंधन का नया चेहरा उनके लिए मुश्किल खड़ा करेगा? यह भी देखना होगा कि मुस्लिम और यादव वोट बैंक किस तरफ झुकता है।