Raghopur Election 2025 में लालू परिवार की परंपरागत सीट पर तेजस्वी यादव ने अपनी पकड़ बरकरार रखी। उन्होंने BJP सतीश कुमार को 14,532 वोटों से हराया। तेजस्वी को 1,18,597 और सतीश कुमार को 1,04,065 वोट मिले, जबकि निर्दलीय बलिराम सिंह को 3,086 वोट मिले।

Raghopur Assembly Election 2025: बिहार की राजनीति में राघोपुर विधानसभा सीट को वीआईपी सीट माना जाता है। यह वैशाली जिले और वैशाली लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है। लालू परिवार का गढ़ रही इस सीट पर तेजस्वी प्रसाद यादव ने कांटे की टक्कर में 14532 वोटों से भाजपा प्रत्याशी सतीश कुमार को हराया। तेजस्वी को 118597 वोट मिले, जबकि भाजपा प्रत्याशी सतीश कुमार को 104065 वोट मिले। स्वतंत्र उम्मीदवार बलिराम सिंह को मात्र 3086 वोट मिले।

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2010: जेडीयू ने लालू परिवार को दी मात

2010 के विधानसभा चुनाव में जेडीयू उम्मीदवार सतीश कुमार ने राजद की राबड़ी देवी को हराकर बड़ा उलटफेर किया था। सतीश कुमार को 64,222 वोट मिले, जबकि राबड़ी देवी को 51,216 वोट ही मिले। जीत का अंतर 13,006 वोट रहा।

2015: तेजस्वी यादव की धमाकेदार एंट्री

2015 में पहली बार लालू-राबड़ी के बेटे तेजस्वी प्रसाद यादव मैदान में उतरे। उन्होंने बीजेपी के सतीश कुमार को हराया। तेजस्वी को 91,236 वोट मिले जबकि सतीश कुमार को 68,503 वोट मिले। इस बार जीत का अंतर बढ़कर 22,733 वोट हो गया।

2020: तेजस्वी यादव का दबदबा

2020 में फिर मुकाबला तेजस्वी और सतीश कुमार के बीच हुआ। तेजस्वी यादव ने 97,404 वोट पाकर लगातार दूसरी जीत दर्ज की। वहीं बीजेपी उम्मीदवार सतीश कुमार 59,230 वोट ही हासिल कर सके। इस बार जीत का अंतर और बढ़कर 38,174 वोट हो गया।

जातीय समीकरण और रणनीति

राघोपुर सीट पर यादव और मुस्लिम मतदाताओं का दबदबा है, जो राजद का कोर वोट बैंक है। वहीं, भूमिहार और ब्राह्मण मतदाता बीजेपी को सपोर्ट करते हैं। पासवान और अन्य पिछड़े वर्ग भी निर्णायक भूमिका निभाते हैं। यही जातीय समीकरण हर चुनाव को रोचक बनाता है।

तेजस्वी यादव की प्रोफाइल

तेजस्वी प्रसाद यादव (RJD) वर्तमान विधायक हैं और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष भी रह चुके हैं। उनकी संपत्ति करीब 5.88 करोड़ रुपए है और शिक्षा 8वीं पास की है। आपराधिक मामलों की बात करें तो तेजस्वी के खिलाफ कुल 11 केस चल रहे हैं, जो चुनावी बहस का हिस्सा बनते हैं। उन पर 17 हजार रुपए की देनदारी भी बकाया है।